तहसील मुख्यालय होने के बावजूद नगर में रोडवेज बस अड्डा नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग सड़क पर खड़े होकर रोडवेज बसों का इंतजार करते हैं। वहीं, कई बार रोडवेज बसों के न मिलने पर लोगों को डग्गामार बसों में सफर करना पड़ता है। लोगों ने नगर में बस स्टैंड बनाए जाने की मांग की है।
धनौरा में ब्लॉक कार्यालय के बराबर में रोडवेज बस अड्डे के नाम पर एक कोठरी बनी है। पहले इसके बाहर रोडवेज का एक दिव्यांग कर्मचारी बैठकर आने-जाने वाली रोडवेज बसों को रोककर उनमें यात्रियों को बैठा देता था, लेकिन उसके रिटायर होने के बाद अब वह कोठरी भी बंद हो गई है। बिजनौर-बदायूं स्टेट हाईवे पर बसे नगर से दिनभर में 100 से अधिक बसें निकलती हैं।
इनमें दिल्ली, मेरठ, मुरादाबाद, हरिद्वार, अलीगढ़ व बिजनौर को जाने वाली बसें शामिल होती हैं। रोडवेज बस स्टैंड नहीं होने की वजह से रोडवेज बसों के चालक सवारियों को बैठाए बिना ही निकल जाते हैं।
उधर, लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। यात्रियों की मजबूरी का फायदा डग्गामार वाहन उठा रहे हैं। बड़ी संख्या में डग्गामार वाहन सुबह को दिल्ली व बिजनौर दिशा की ओर जाते हैं। उत्तर प्रदेश व्यापार संगठन, व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान, ऑल इंडिया सैनी सभा ने मुख्यमंत्री से रोडवेज बस स्टैंड बनाए जाने की मांग की है।
- मंडी धनौरा में रोडवेज बस अड्डा बनाने के लिए जल्द ही शासन को पत्र भेजा जाएगा। रोडवेज अड्डा बनवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। - अनिल कुमार, एआरएम