अमरोहा। भले ही सरकार सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए कई तरह के अभियान चला रही है, लेकिन सड़कों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। नेशनल हाईवे समेत जिले की सड़कों पर ओवरलोड वाहन काल बनकर दौड़ रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अनजान बने हैं। सरकार और प्रशासन के निर्देशों पर डग्गामारी भी हावी है। तय मानकों से अधिक सवारी बैठाकर वाहनों को दौड़ाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब जिले में लगातार हादसों में लोगों की जान जा रही है।
अमरोहा में बिजनौर रोड, जोया रोड, हसनपुर, गजरौला समेत अन्य मार्गों से आए दिन सैकड़ों ओवरलोड ट्रक दौड़ रहे हैं। जिनका आसपास से निकलने वाले छोटे वाहनों पर पलटने का खतरा बना रहता है। जबकि इन सभी क्षेत्रों में पुलिस थाने, चौकियां और पुलिस चेक पोस्ट बनी हुई हैं। इन्हीं के सामने से ही ओवरलोड वाहन होकर गुजर जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर पाते हैं। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्व में कई बार हादसे हो चुके हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई घायल हो चुके हैं। कई बार गन्ने से लदे ट्रक पलट भी चुके हैं। बावजूद इसके परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
सड़क सुरक्षा माह का भी नहीं कोई असर
शासन के आदेश पर हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह और सड़क सुरक्षा माह चलाया जाता है। जिसमें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही अधिकारियों को ओवरलोड और ओवर हाइट वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के दिशा निर्देश मिलते हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा शुरुआत में तो कार्रवाई की जाती है, बाद में कोई कार्रवाई करने में सख्ती नहीं बरतता है। यही वजह है ओवरलोड वाहनों पर अधिकारियों की उदासीनता के कारण वाहन चालक मनमानी करते हैं।
बोले अधिकारी
जनवरी माह में दर्जनों ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इस तरह के वाहन चालकों पर एक माह में करीब 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। ओवरलोड वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। महेश कुमार शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन