सावन के सातवें सोमवार पर जलाभिषेक होने के साथ ही दोपहर में दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर वाहनों के संचालन के लिए लगी पाबंदी हटा दी गई। इसके बाद हाईवे की दोनों लेन पर छोटे, बड़े, भारी व माल वाहक वाहन दौड़ने लगे। दोनों लेन पर वाहनों का संचालन शुरू होने के साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली। उधर, रविवार रात को भी हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या कम रही। इसके चलते एक लेन पर वाहन चलते रहे, जबकि एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रही।
हर बार की तरह सावन के सातवें सोमवार को देखते हुए बीते शुक्रवार को शाम छह बजे से रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया था। हाईवे की एक लेन पर केवल बस, कार, बाइक, आवश्यक वस्तुओं के वाहनों का संचालन हुआ। जबकि, बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा गया। साथ ही हाईवे की एक लेन कांवड़ियाें के लिए सुरक्षित किया गया था। उम्मीद थी कि रविवार को कांवड़ियों की संख्या बढ़ेगी, इसे देखते हुए प्रशासन ने रविवार सुबह छह बजे से सोमवार दोपहर 12 बजे तक हाईवे की दोनों लेन पर वाहनों के संचालन पर पाबंदी लगाने की घोषणा की थी, लेकिन कांवड़ियों की आवाजाही कम होने पर प्रशासन ने निर्णय बदल लिया।
रविवार रात में भी एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रही, तो दूसरी लेन पर वाहन चलते रहे। सोमवार सुबह आठ बजे तक हाईवे पर कांवड़ियों का कोई जत्था दिखाई नहीं दिया। हाईवे पर एक दो डाक कांवड़िये ही मंजिल की ओर जाते दिखाई दिए। इस कारण दोपहर 12 बजे से हाईवे पर भारी व माल वाहक वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया। सीओ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार को जलाभिषेक के बाद हाईवे की दोनों लेन पर दोपहर 12 बजे छोटे, बड़े, भारी व माल वाहक वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है।