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UP Muslims Protest : खामेनेई की माैत के बाद शिया समुदाय में आक्रोश, रामपुर और सैदनगली में भी विरोध-प्रदर्शन

Sun, 01 Mar 2026 07:15 PM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर/सैदनगली

सार

ईरान के नेता खामेनेई की माैत से शिया समुदाय में आक्रोश है। रामपुर और सैदनगली में बाजार बंद रहा। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया गया।
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रामपुर में विरोध जताते शिया समुदाय के लोग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत के बाद शिया समुदाय में नाराजगी है। शिया जामा मस्जिद कमेटी की ओर से मकबरा जनाब ए आलिया से किला इमामबाड़ा तक जुलूस निकाला गया। जुलूस में लोगों ने सड़कों पर उतरकर खामेनेई की मौत पर दुख जताते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

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शिया जामा मस्जिद इमाम सैयद अली मोहम्मद नकवी ने कहा कि दुनिया ने देख लिया कि अमेरिका और इस्रायल ने किस तरीके से दहशतगर्दी की है। कहा कि जिस तरीके से यह पूरी दुनिया को जंग में धकेल रहे हैं वह अफसोसजनक है। शिया धर्मगुरु खामेनेई की माैत से पूरे विश्व के मुस्लिम समुदाय में आक्रोश है।

राष्ट्रपति से मांग करते हुए कहा कि शिया समुदाय अनुरोध करता है कि इस्रायल-अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने की पहल की जाए, जिससे और अधिक नुकसान होने से बचा जा सके। कहा युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
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इससे सिर्फ मानवता का विनाश होता है। इसीलिए इस युद्ध पर रोक लगाई जाए। इस दौरान हमजा मियां, असलम महमूद, इरफान अली जैदी, कमल रिजवी, सैयद इकबाल मेहंदी आदि मौजूद रहे।

हाथों में खामेनेई की तस्वीर लेकर सड़कों पर निकले लोग
जुलूस में लोग खामेनेई की तस्वीर छपे बैनर लेकर चल रहे थे। जुलूस में लोगों ने कहा कि शिया धर्मगुरु की मौत से पूरे शिया समुदाय में गम की लहर दौड़ गई है। इसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।

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सैदनगली में बाजार रहा बंद 
खामनेई की माैत के बाद सैदनगली में भी शोक जताया गया। गमगीन माहौल के बीच शिया और सुन्नी समुदायों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रखीं, जिससे पूरे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। रविवार को मोहल्ला सादात स्थित पीर जी इमामबारगाह में एक विशाल मजलिस का आयोजन किया गया।

डॉ. लईक हैदर और उनके साथियों द्वारा मर्सियाख्वानी की गई। मौलाना कम्बर अली ने कहा कि ईरान ने कभी भी अमेरिका और इस्रायल जैसी ताकतों के सामने घुटने नहीं टेके। डॉ. अहमद मुर्तजा ने खामनेई ने किसी के सामने सिर नहीं झुकाया। आक्रोशित लोगों ने अमेरिका-इस्रायल के खिलाफ नारेबाजी की। 
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