सीडीओ की जांच में दोषी पाया जा चुका है पटल सहायक
मामले में डीएम के आदेश पर सीडीओ ने 27 सितंबर 2024 जांच में मौजूदा बीएसए को उनके कार्यालय में तैनात पटल सहायक को मामले में लापरवाही बरतने और गर्भपात अवकाश संबंधी मूल पत्रावली नहीं दिए जाने का दोषी माना था। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए भी निर्देशित किया, लेकिन वर्तमान बीएसए मोनिका ने विभागीय संरक्षण देने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की।
जबकि, तत्कालीन बीईओ जोया और बीएसए ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए शिक्षिका से हमसाज होकर बिना चिकित्सीय परामर्श, उपचार संबंधी अभिलेखों और जरूरी साक्ष्यों के 42 दिवस का गर्भपात अवकाश पूर्ण वेतन पर स्वीकृत किया गया।
कार्रवाई न होने पर दायर की थी याचिका
इस कारण 42 दिन के वेतन का सरकार को धोखा देकर गबन किया गया। फर्जीवाड़े में संयुक्त निदेशक अभियोजन का अभिमत लेकर अभियोजन कार्रवाई के लिए आग्रह किया गया। इस संबंध में अभी तक मामले की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और न ही थाने पर कोई सुनवाई हुई।
इसी को लेकर जनसुनवाई पोर्टल व एसपी को भी शिकायतीपत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने मनु शर्मा ने न्यायालय की शरण ली। शिकायतीपत्र पर सुनवाई करते हुए सीजेएम ने डीएम को इस प्रकरण में सभी के खिलाफ जांच कर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिए है।