अमरोहा। गाजियाबाद की फर्म के कर्मचारी ने तीन साल पहले उत्पाद दिखाकर आर्डर ले लिया। बाद में कारोबारी से ढाई लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद न तो उत्पाद मिले और न रुपये। फोन करने पर आरोपियों ने कॉल उठाना बंद कर दिया। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी के मालिक और कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
अमरोहा नगर के मोहल्ला चौक में करतार सिंह चौहान का परिवार रहता है। उनके बेटे हर्षित चौहान कारोबार करते हैं। उनका आरोप है कि मार्च 2020 में एक व्यक्ति उनके पास आया था। उसने खुद को एसएस ग्लोबल एजेंसी राजहंस प्लाजा इंदिरापुरम गाजियाबाद का कर्मचारी बताया। इस दौरान उसने अपने यहां तैयार होने वाले उत्पाद दिखाए। लिहाजा हर्षित चौहान ने हाथों के ग्लब्स के 1000 बॉक्स का ऑर्डर दे दिया। जिसके बाद हर्षित चौहान ने कंपनी के अकाउंट में अपनी फर्म के अकाउंट से 2 लाख 49 हजार रुपये आरटीजीएस कर दिए। रुपये भेजने के बाद हर्षित चौहान ने अपना माल भिजवाने के लिए कहा। लेकिन कई दिन तक उन्हें माल नहीं मिला। जिसके बाद हर्षित चौहान उसी स्थान पर पहुंचे जहां कंपनी बताई गई थी लेकिन यहां पता करने पर जानकारी हुई कि पहले कंपनियां यहां पर थी लेकिन अब नहीं है। लिहाजा हर्षित चौहान ने कंपनी के मालिक नागेश्वर कटारिया के नंबर पर फोन किया। जिसके बाद उन्होंने कॉल उठाना बंद कर दिया। धोखाधड़ी का एहसास होने पर हर्षित चौहान ने मामले की शिकायत पुलिस से की। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि एसएस ग्लोबल एजेंसी राजहंस प्लाजा इंदिरापुरम के कर्मचारी विकास और कंपनी के मालिक नागेश्वर कटारिया के खिलाफ धोखाधड़ी अमानत में खयानत के आरोप में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।