गजरौला (अमरोहा) । गंगा में जल स्तर बढ़ने से ब्रजघाट गंगा का पुल खतरे के निशान से एक मीटर दूर रह गया है। बुधवार को दिन में तीन बजे रेलवे पुल पर 198.34 गेज मीटर पानी दर्ज किया। जबकि यहां पर खतरे का निशान 199.34 गेज मीटर है। बाढ़ से की आशंका के चलते ही ट्रैक पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और ट्रेनों को कॉशन देकर गुजारा जा रहा है। उधर, गजरौला से अलीगढ़ जाने वाली यात्री गाड़ी चंदौसी तक ही जाएगी। दिल्ली-बरेली यात्री गाड़ी और गजरौला से नजीबाबाद के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन बंद कर दी गई हैं।
मैदानी इलाकों के साथ ही पहाड़ी क्षेत्राें में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा समेत सभी नदियां उफान पर हैं। बिजनौर बैराज से गंगा में मंगलवार की शाम 179472 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। गंगा का जलस्जर ब्रजघाट में खतरे के निशान को छूने की कोशिश कर रहा है। इस समय एक मीटर दूर है। ब्रजघाट में पुल के लिए गंगा के जल का खतरे का निशान 199.34 गेज मीटर है, जबकि बुधवार को जल स्तर 198.34 गेज मीटर हो गया। खतरे के निशान से गंगा का जल एक मीटर दूर रह जाने के कारण ट्रेनें काॅशन से गुजारी गईं। कांकाठेर से ब्रजघाट तक ट्रैक पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई। कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया।
पीडब्ल्यूवाई महेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के कारण ट्रेन काॅशन से गुजारी जा रही हैं। उधर बाढ़ के कारण रेलवे ट्रैक पर खतरे की आशंका को देखते हुए दिल्ली-बरेली यात्री गाड़ी और गजरौला से नजीबाबाद के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन बंद कर दी गई हैं, जबकि अलीगढ़ से गजरौला के बीच चलने वाली यात्री गाड़ी गजरौला से चंदौसी तक चलाई जाएगी। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि गंगा का जल स्तर बढ़ने के चलते ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं।
गंगा में बाढ़ आ जाने के कारण जहां ब्रजघाट पुल पर गंगा का जल खतरे के निशान के करीब पहुंचने की कोशिश करता है, वहीं बाढ़ का सबसे अधिक असर कांकाठेर गांव के सामने दिखाई देता है। यहां पर बाढ़ का पानी सीधा रेलवे लाइन के निकट पहुंच जाता है। जो बड़े तालाब का रूप ले लेता है। बाढ़ का पानी सीधा रेलवे लाइन के निकट पहुंच जाने पर जिससे रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो जाने की आशंका रहती है। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि गंगा में बाढ़ के कारण कांकाठेर के सामने रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो जाने का खतरा बढ़ जाता है।