अमरोहा। केन्द्र की ऑपरेशन ग्रीन को जिले का उद्यान विभाग खुद समझ नहीं सका। उसको पता ही नहीं कि यह होता क्या है। इसीलिए उसकी लापरवाही के चलते लगभग 14 हजार मीट्रिक टन टमाटर बर्बाद हो गया। जानकारी के अभाव में टमाटर को न तो दूसरे शहरों में भेजा जा सका और न ही कोल्ड स्टोरेज में रख पाए। इसका सबसे अधिक असर आम लोगों के जेब पर पडा है। दरअसल, टमाटर और महंगा हो गया है। जिले के लोग 50 रुपये किलो टमाटर खरीद रहे हैं। जिस तरह से यहां पर टमाटर बर्बाद हुआ उसको देखते हुए कम से कम यहां टमाटर सस्ता बिकना चाहिए था लेकिन, ऐसा हुआ नहीं।
जिले के जोया और अमरोहा ब्लॉक के गांवों में लगभग 400 हेक्टेयर में टमाटर का उत्पादन होता है। इसके चलते लगभग 14 हजार टन सालाना टमाटर का उत्पादन होता है। यह टमाटर प्रदेश के अलावा पड़ोसी मुल्क में भेजा जाता रहा है। लॉक डाउन के दौरान टमाटर की सप्लाई नहीं हो सकी। इसके चलते टमाटर की कीमत में गिरावट आ गई। होटल और अन्य जगहों पर भी टमाटर नहीं पहुंच पाया। इसके चलते टमाटर को किसानों ने सड़क किनारे फेंक दिया। वहीं कुछ ने खेत में से नहीं निकाला। दरअसल लागत के अलावा इससे किसानों को अतिरिक्त रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। इस बीच केंद्र सरकार ने टमाटर के मामले में कारगर कदम उठाया। ऑपरेशन ग्रीन के तहत टमाटर को शामिल किया गया। इसके तहत दूसरे शहरों में टमाटर के ट्रांसपोर्टेशन के लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलनी थी। कोल्ड स्टोरेज में रखने पर चार्जेज का 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जानी थी। लेकिन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के बारे में उद्यान विभाग ही ऑपरेशन ग्रीन को समझ नहीं सका। लिहाजा, उनकी इस लापरवाही का नतीजा किसानों को भुगतना पड़ा। मसलन, उनको इसका लाभ नहीं मिल सका। इतना ही नहीं इसका लाभ आम लोगों को भी नहीं मिला। लोग महंगा टमाटर खरीदने को आज भी विवश हैं।
इन्हें मिलनी थी 50 प्रतिशत सब्सिडी
किसान, एजेंट्स और स्वयं सहायता समूह
योजना के लाभ से वंचित हो गए किसान और लोग
अमरोहा। ऑपरेशन ग्रीन के क्रियान्वयन से सभी लोगों को लाभ मिलना तय था। उत्पादक को अच्छी कीमत मिल जाती लेकिन ऐसा नहीं हो सका। टमाटर को न तो बाहर भेजा जा सका और न ही कोल्ड स्टोरेज में रखने की व्यवस्था हो सकी।
मंडी समिति के निदेशक को पत्र भेज दिया
अमरोहा। उद्यान विभाग ऑपरेशन ग्रीन के प्रति पूरी तरह बेखबर रहा था। उसने टमाटर को आपरेशन ग्रीन में शामिल करने के लिए जून महीने में मंडी समिति के निदेशक को पत्र भेज दिया गया। जबकि टमाटर को पहले ही आपरेशन ग्रीन में शामिल किया जा चुका था।
रिमाइंडर भेजने की तैयारी, डीएचओ ने लगाई फटकार
अमरोहा। ऑपरेशन ग्रीन में शामिल होने के मामले में निदेशक स्तर से कार्रवाई नहीं हुुई है। उद्यान विभाग अब रिमाइंडर भेजने की तैयारी में था। मुरादाबाद के जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार को जिले का अतिरिक्त प्रभार है। इस बीच उनके समक्ष मामला आया। उन्होंने मातहतों को जमकर फटकार लगाई।
इन गांवों में होता है उत्पादन
हरियाणा, नूरपुर खुर्द, खरखौदा, असगरीपुर, जोया, हैबतपुर, कल्याणपुर, अतरासी बाईपास के आस पास के गांव
केंद्र सरकार ने ऑपरेशन ग्रीन में टमाटर शामिल किया था। इसमें दूसरे शहरों में टमाटर के ट्रांसपोर्टेशन की लागत पर 50 प्रतिशत छूट दी जानी थी। इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज के चार्जेज में भी 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलनी थी। किसान, एजेंट्स और स्वयं सहायता समूह को लाभ ले सकते थे। सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी अमरोहा/मुरादाबाद