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Amroha News: आरोग्य मेले में पहुंचे सिर्फ नौ मरीज

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सैदनगली(अमरोहा)। जिलाधिकारी बाल कृष्ण त्रिपाठी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सिंघल के साथ रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैदनगली में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। यहां सिर्फ नौ मरीज ही पहुंचे। मरीजों की संख्या कम देख जिलाधिकारी भड़के और पीएचसी प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि जागरूकता के अभाव में मरीज मेले लाभ नहीं उठा पा रहे।
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उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को चिकित्सा का लाभ मिल सके। इसके लिए प्रचार-प्रसार कराए जाए। आरोग्य मेले का बैनर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगाया जाए और अधिक से अधिक लोगों को जानकारी दी जाए। ताकि मेले का लाभ अधिकतम लोगों को मिल सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण दवाइयों व जांचों के संबंध में भी संबंधित डॉक्टर से जानकारी ली और निर्देशित करते हुए कहा कि मेले में प्रमुख दवाइयां मिलनी चाहिए और प्रमुख रोगों की जांच होनी चाहिए। कोई भी मरीज दवा के अभाव में लौटना नहीं चाहिए। मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सक लाभ दिया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। कोरोना तेजी के साथ बढ़ रहा है। कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए मरीजों को जागरूक किया जाए। कहा कि आरोग्य मेले के आयोजन को जिम्मेदार चिकित्सा प्रभारी गंभीरता से नहीं ले रहे। जब चिकित्सक ही गंभीर नहीं होंगे। तो लोगों केे सुविधाओं का लाभ कैसे मिल पाएगा। इस मौके पर उपजिलाधिकारी अशोक कुमार शर्मा, डॉ. सतीशचंद्र भास्कर, डॉ.ध्रुव, चिकित्सा प्रभारी डॉ. आदेश कुमार, भाजपा जिला महामंत्री अभिनव कौशिक आदि मौजूद रहे।

कहीं डॉक्टर नहीं जो कहीं दवाएं नहीं
अमरोहा। लोगों की सुविधा के लिए शुरू किया गया मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला जिम्मेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ता जा रहा है। रविवार को कई पीएचसी पर इस मेले में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कहीं आयुर्वेदिक डॉक्टर नदारद रहते हैं तो कहीं दवाइयों की कमी रहती है। ऐसे में इलाज के लिए आए मरीजों काफी इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ता है। हालात ये हो गए हैं कि लोगों को आरोग्य मेले से भरोसा उठता जा रहा है। इसका सटीक उदाहरण सैदनगली पीएचसी पर डीएम के निरीक्षण के दौरान देखने को मिला। मेले में केवल नौ मरीज आए। कम संख्या देखकर डीएम का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों का कड़ी फटकार लगई। यहीं हाल दूसरी पीएचसी का भी है। कहीं डॉक्टर नहीं पहुंचे तो कहीं दवाओं का टोटा रहता है। अधिकांश पीएचसी पर फार्मासिस्ट व एएनएम ने मरीज देखकर दवाएं देते हैं। रविवार को भी अस्पतालों में यही हाल मिला। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित जन आरोग्य मेले की पड़ताल में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिले। पीएचसी छेबड़ा, कटकुई, कुरैरी और मोहम्मदी सराय में भी कम ही संख्या में मरीज पहुंचे।
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कई बीमारियों की जांच का भी प्रावधान
हर रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में टीबी, मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार और फाइलेरिया जैसी बीमारियों की जांच पीएचसी स्तर पर करने का प्रावधान है। इसके साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, गर्भवती महिलाओं के लिए चलने वाली योजनाओं, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण और तंबाकू निषेध समेत कई योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। इस मेले में ऐलोपैथी के अलावा आयुर्वेद और यूनानी के डॉक्टर भी मौजूद रहने का प्रावधान है
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