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Amroha News: घर की रसोई और ढाबे के सलाद से गायब हुआ प्याज

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अमरोहा। त्योहारी सीजन में प्याज के दामों में अचानक उछाल आ गया है। पिछले पांच दिनों से प्याज की कीमतों में करीब दो गुना इजाफा देखने को मिला है। थोक में प्याज के दाम 55-60 रुपये किलो और फुटकर में 70 से 75 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। इससे लोगों के घर का बजट भी बिगड़ा है। रसोई से प्याज का तड़का भी गायब हो गया है तो ढाबे में सलाद से प्याज गायब हो गया।
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पिछले सप्ताह तक जहां प्याज फुटकर बाजार में 30 से 35 रुपये किलो बिक रहा था। वहीं, अब दोगुने दाम में मिल रही है। मंडी समिति के सब्जी के थोक विक्रेता रविंद्र कुमार ने बताया कि अचानक से प्याज की आवक काफी कम हो गई है। एक सप्ताह पहले तक थोक में प्याज के दाम 20 से 25 रुपये किलो तक थे। लेकिन अब 55 से 60 रुपये किलो के बिक रही है। मंडी समिति में हर दिन 400 क्विंटल से अधिक प्याज आता था, लेकिन अब दो सौ से ढाई क्विंटल ही आ रहा है। वह भी तीसरे दिन।
अमरोहा में मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से प्याज पहुंच रहा है। बताया कि दीपावली तक प्याज के दाम कम होने के आसार हैं। उधर, फुटकर सब्जी विक्रेता मदन सैनी ने बताया कि नवरात्र के समय बाजार में प्याज की कीमत औसतन 30 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था। मंडी में प्याज की कम आवक कीमतों में बढ़ोतरी का कारण मानी जा रही है। बाजार में प्याज कम है और दाम भी 65 से 70 रुपये किलो हैं।
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बिगड़ा रसोई का बजट
एकाएक प्याज की कीमतें बढ़ने से रसोई का बजट तो बिगड़ा ही, लेकिन खाने का स्वाद भी बेदम होने लगा है। प्याज के बिना खाने का स्वाद अधूरा रहता है। ऐसे ही कीमतें बढ़ती रहीं तो, रसोई से प्याज के गायब होने में समय नहीं लगेगा। -शालिनी भारद्वाज


गायब हुआ सब्जियों का स्वाद
प्याज का इस्तेमाल सब्जियों में तड़का लगाने अथवा सलाद के रूप में करते है। लेकिन, अब दाम बढ़ने से रसोई से प्याज लगभग गायब है। प्याज महंगी होने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। सरकार को प्याज की कीमतों पर काबू पाने के लिए कुछ उपाय करने चाहिए। -अनुज

कम आवक बनी परेशानी का सबब
बाजार में प्याज की कम आवक परेशानी का सबब बना हुआ है। महंगी होने के साथ साथ बाजार में प्याज कम मिल रही है। सलाद के रूप में परोसी जा रही प्याज की मात्रा भी कम करना शुरू कर दिया है। ऐसा ही रहा तो ढाबे पर सलाद के रूप में परोसी जा रही प्याज गायब ही हो जाएगी। खाने के स्वाद में प्याज का अहम रोल है। -विवेक कुमार, ढाबा संचालक

सब्जी हो या दाल या फिर पनीर सभी में प्याज का तड़का न हो तो उसका स्वाद बिगड़ जाता है। लेकिन, प्याज पर महंगाई छाने से तड़के में प्याज का प्रयोग कम किया जा रहा है। पहले की तरह कम प्याज मंगाई जा रही है। दाम बढ़ने से ग्राहक को भी सलाद में कम प्याज परोसने को मजबूर हैं। -उमेश कुमार, ढाबा संचालक
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