ये घटना थाना क्षेत्र के एक गांव की है। गांव निवासी किसान की बेटी को गांव के ही किशोर ने प्रेमजाल में फंसा लिया। उसने युवती से दुष्कर्म किया। साथ ही दस रुपये के स्टांप पर धर्म परिवर्तन करा दिया। गर्भवती होने पर पीड़िता का गर्भपात करा दिया। आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया था। मामले में पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ धोखाधड़ी, धर्म परिवर्तन कराने, एससी-एसटी एक्ट और दुष्कर्म के आरोप में आरोपपत्र दाखिल किया था। जबकि, उसके पिता के खिलाफ धमकी और एससी-एसटी एक्ट में चार्जशीट लगाई थी।
दुष्कर्म आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसकी सुनवाई पॉक्सो प्रथम कोर्ट में चल रही है। जबकि, दुष्कर्म के आरोपी के पिता अनवर अहमद की पत्रावली पर सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट संजय चौधरी की कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोग अभियोजक मनोज कुमार सक्सेना पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर दुष्कर्म के आरोपी के पिता अनवर अहमद को धमकी देने के आरोप में एक साल की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्यों के अभाव में एससी-एसटी एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है।