रेंज कार्यालय सियाली जागीर में इलाज के लिए लाए गए मोर।
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सियाली जागीर के वन रेंज कार्यालय में रविवार को इलाज के दौरान एक और मोर की मौत हो गई जबकि, तीन मोरों का फिलहाल इलाज चल रहा है। मरने वाले मोरों की संख्या अब तक सात हो चुकी हैं।
रविवार की दोपहर सियाली जागीर वन रेंज कार्यालय में एक मादा मोर ने दम तोड़ दिया। वन रेंजर का कहना है कि तीन मोरों की हालत में सुधार है। शनिवार को बिजनौरा गांव के जंगल में एक मोर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। इस मोर से न ही उड़ा जा रहा था और न ही चल पा रहा था। ग्रामीणों की सूचना पर मोर वन विभाग ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। वहीं एक मोर गारबपुर स्थित विजयपाल के बाग में पड़ा मिला। गारबपुर में अब तक तीन मोर जख्मी हालत में मिल चुके हैं। शनिवार तक जख्मी मिले मोरों की संख्या दस पहुंच गई। शुक्रवार को बिजनौरा गांव में एक और मिला था, वहीं शुक्रवार हो ही सैदनगली के गांव भटौला में भी मोर मिला। इन दो दिनों में मिले चार मोरों का इलाज वन रेंज के कार्यालय सियाली जागीर में चल रहा था। डाक्टर मोर का इलाज करने में लगे हुए हैं।
रविवार को मरे मोर को मिलाकर अब तक सात मोरों की मौत हो चुुकी है। नौ अप्रैल को ढबारसी से जख्मी मोरों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। उधर दो मोरों के शव बरेली भेजे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।