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गैंगरेप पीड़िता किशोरी के आत्महत्या करने में तीन पर मुकदमा

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अमरोहा। छह माह पूर्व किशोरी का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप और अगले दिन पीड़िता के फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में तीन युवकों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर 156/3 के तहत दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सोमवार थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने एसपी आफिस में पहुंचकर अपनी पीड़ा बताई। उन्हें दिए शिकायती पत्र में बताया कि 23 फरवरी को उसने गांव के ही एक युवक पर उसकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि इससे बौखलाए युवक ने 16 अप्रैल को अपने दो साथियों की मदद से उसकी गैर मौजूदगी में घर पर मौजूद उसकी पुत्री को उठा लिया। वह रात आठ बजे लौटकर आया तो पुत्री घर पर नहीं मिली। इसी बीच सूचना मिली कि तीन युवक उसकी पुत्री को तिगरी-मोहरका पट्टी के बीच बंधे की ओर ले जाते देखे गए हैं। इस पर वह 17 अप्रैल की सुबह वहां पहुंचा तो उसकी पुत्री बदहवास हालत में मिली। तीनों आरोपी वहीं थे।
ग्रामीणों को आते देख वे वहां से फरार हो गए। पुत्री ने अपने संग तीनों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने की जानकारी दी। इसके बाद वह अपनी पुत्री को लेकर घर आया और मामले की जानकारी देने गजरौला थाने आया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आहत पीड़िता ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं पुत्री की मृत्यु के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने और आरोपियों के खुलेआम घूमने पर मृतका के पिता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने 20 अक्तूबर को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश कर दिए लेकिन फिर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। वहीं सोमवार की रात नौ बजे इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दारानगर निवासी कुंवरपाल, सोमपाल एवं कांकाठेर निवासी श्याम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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तभी हो जाती कार्रवाई तो बच जाती किशोरी की जान
गजरौला। थाना क्षेत्र में 23 फरवरी को एक युवक के खिलाफ किशोरी के साथ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने इसे हलके में लिया। यही वजह रही कि एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतका के पिता ने रोते हुए बताया कि यदि गजरौला पुलिस तभी आरोपी को पकड़कर उसके खिलाफ कार्रवाई कर देती तो शायद उसकी पुत्री खुद को मौत के गले लगाने पर होने वाली यातना न झेलती। बेटी को गंवाने वाले पिता का कहना था कि खाकी ने उसकी नहीं सुनी। यही वजह रही कि आरोपी बौखला गया और उसने अपने दो दोस्तों के संग उसकी पुत्री को उठाकर हैवानियत की। पुलिस ने भी नहीं सुनी तो आहत पुत्री ने फंदे पर लटककर जान दे दी।
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