गजरौला में तिरछी हालत में खड़ा जर्जर पोल
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औद्योगिक नगरी में जर्जर विद्युत पोल हादसों को दावत दे रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर खड़े जर्जर पोल जड़ में से खोखले हो चुके हैं। तेज आंधी या अन्य किसी हल्के से धक्के से यह पोल सूखी लकड़ी की तरह टूटकर बिखर जाएंगे। बार-बार आगाह करने व चेताने के बावजूद भी जिम्मेदार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसको लेकर नगर के लोग बिजली विभाग से खासे नाराज हैं। विद्युत विभाग की लापरवाही कभी भी लोगों के जीवन पर भारी पड़ सकती है। जर्जर विद्युत पोलों को शिकायत के बाद भी विभाग द्वारा नहीं बदलवाया गया है। इसकी वजह से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
औद्योगिक नगरी में करीब एक दशक पूर्व विद्युत विभाग द्वारा लोहे के विद्युत पोल लगवाए थे। जिनसे होकर बिजली के तार गलियों एवं घरों तक पहुंच रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर लगे अधिकतर विद्युत पोल नीचे से खोखले हो गए हैं। इसकी वजह से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि जब कभी तेज आंधी या तूफान आया तो विद्युत पोल हादसे का सबब बन सकते हैं। जिन्हें शीघ्र ही बदलवाया जाना चाहिए। कहा कि एक नहीं, बल्कि एक दर्जन से अधिक विद्युत पोल ऐसे हैं, जो जर्जर होकर नीचे से खोखले हो चुके हैं। विद्युत पोल बदलवाने के लिए कई बार विद्युत अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा है। अमन अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल, अंकित, अभिषेक, प्रशांत, दयानंद शर्मा, अजय शर्मा, सोनू कश्यप आदि लोगों ने जर्जर विद्युत पोलों को बदलवाने की मांग की है। साथ ही पोल न बदलवाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।