अमरोहा। जनपद में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे भ्रूण लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात व प्रसव का धंधा खुलेआम चल रहा है। यह अवैध धंधा जिले के अधिकारियों को दिखता ही नहीं और बाहरी टीमें कई बार भंडाफोड़ कर चुकी हैं। जिले के अधिकारी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस-नोटिस खेलते हैं, जबकि हापुड़ और हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम अमरोहा में तीन से अधिक बार कार्रवाई कर चुकी हैं। इससे जिले में चल रहे इस अवैध कारोबार की परतें खुल चुकी हैं। जिले में बाकायदा एजेंटों का नेटवर्क काम कर रहा है, जो बाहरी जिलों और राज्यों से लोगों को अमरोहा लाकर लिंग परीक्षण कराते हैं। डीएम ने बताया कि सीएमओ और नोडल अधिकारी को एक महीने के भीतर सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर पोर्टेबल मशीन हैं, उनकी सघन निगरानी के निर्देश दिए हैं। जिले में लिंक परीक्षण और गर्भपात किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी की लापरवाही या संलिप्तता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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केस-एक
छह सितंबर 2022 को हरियाणा राज्य के जनपद रोहतक व झज्जर की टीम ने उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा के मंडी धनौरा के मोहल्ला महादेव स्थित भारत अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापा मारा था। टीम का आरोप था कि केंद्र संचालक हरियाणा की गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच कर रहा था। अल्ट्रासाउंड करने के एवज में 30 से 35 हजार रुपये ग्राहक से लिए जाते थे। टीम ने मौके से अल्ट्रासाउंड की पोर्टेबल मशीन भी बरामद हुई थी।
केस-दो
29 दिसंबर 2022 की शाम हापुड़ की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसओजी टीम के साथ हसनपुर में संभल मार्ग पर अब्दुल्ला कॉलोनी में एक बंद पड़े घर में अवैध रूप से चल रहे भ्रूण लिंग परीक्षण सेंटर पर छापा मारा था। इस दौरान दो महिलाओं समेत 6 लोगों को पकड़ा गया। मौके से छोटी अल्ट्रासाउंड मशीन, इनवर्टर-बैटरी बरामद किया गया था।
केस तीन
22 मई 2023 की देर रात महिला को हसनपुर में अतरासी मार्ग पर आरएम क्लीनिक की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में ले जाकर भ्रूण का लिंग परीक्षण किया गया। इस दौरान टीम ने पीछे से पहुंच कर छापा मारा। टीम से बचने के लिए दो युवकों ने छत से छलांग लगा दी। करीब 20 फीट नीचे गिरे दोनों युवक घायल हो गए। घायल युवकों की पहचान तिलकराज निवासी अहरौला अहमद यार खां थाना हसनपुर और नलराज निवासी गांव गोंची फरीदाबाद हरियाणा के रूप में हुई। टीम को मौके पर पीसी-पीएनडीटी की टीम ने मौके से माइक्रो अल्ट्रासाउंड मशीन एवं अन्य उपकरण बरामद किए थे। भ्रूण लिंग की जांच कराने के लिए उससे 40 हजार रुपए लिए गए थे।
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ये रेट हैं तय
गर्भपात कराना: 15 से 20 हजार
लिंग की जांच: 10 से 40 हजार
अवैध डिलीवरी: 15 से 30 हजार
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