अमरोहा। कोरोना संक्रमित को घर से अस्पताल शिफ्ट कराने गए चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारियों से गाली-गलौज और धमकी के खिलाफ मुखर हुए डॉक्टरों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। इस कारण चार घंटे तक जोया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी ठप रही। चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार से अफसरों के पसीने छूट गए। डीएम के निर्देश पर सीएमओ सहित कई अफसर जोया सीएचसी पहुंचे। आक्रोशित डॉक्टरों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद डॉक्टर के अपने कार्य पर लौटे। वहीं डॉक्टरों ने आरोपी पर कार्रवाई के लिए तहरीर दी है।
आठ अक्तूबर को जोया रोड स्थित आरजू एन्क्लेव में युवती कोरोना संक्रमित निकली थी। चिकित्सकों ने उसे होम आइसोलेट कर दिया था, लेकिन, दस अक्तूबर को कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. मेराज टीम के साथ युवती को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लेने गए थे। आरोप है कि टीम ने संक्रमित युवती के परिजनों के संपर्क किया, तो तभी उसके भाई ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। टीम के साथ गाली-गलौज की और देख लेने की धमकी दी। जमकर हंगामा किया। इस घटना से चिकित्सकों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। कार्रवाई की मांग की। रविवार की शाम पीड़ित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हंगामा किया और कार्य बहिष्कार की धमकी दे डाली। चिकित्सकों की धमकी को संबंधित अफसरों ने हल्के में लिया तो पीड़ित चिकित्सकों का गुस्सा और बढ़ गया। सोमवार की सुबह जोया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। ओपीडी बंद करने के साथ कोरोना मरीजों की जांच भी बंद कर दी गई। चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार से अफसरों में हड़कंप मच गया। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर सीएमओ सौभाग्य प्रसाद अन्य कई चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंचे और डॉक्टरों को समझाकर शांत किया। सीएमओ के द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित डॉक्टर कार्य पर लौट आए। सुबह आठ बजे से 12 बजे तक चिकित्सक कार्य बहिष्कार पर रहे। बाद में आरआरटी टीम जोया की तरफ से संक्रमित युवती के भाई के खिलाफ तहरीर दी गई है।