गजरौला के पपसरा िरंग तटबंध की ठोकर पर हो रहे कटान को देखते ग्रामीण।
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पपसरा खादर के चारों ओर बने तटबंध को कटान से बचाने के लिए दिनभर अधिकारी डटे रहे। दूसरे दिन भी तटबंध की ठोकर पर मरम्मत कार्य जारी रहा। बुधवार को एसडीओ और जेई सवेरे से ही तटबंध की ठोकर नंबर पांच पर पहुंच गए थे। इन्होंने पेड़, पत्थर और मिट्टी के भरे कट्टे लगवाए। जिससे कटान को किसी तरह से रोका जा सके। मंगलवार को मरम्मत कार्य शुरू हुआ था जोकि, दो दिनों से जारी है। इसके बाद भी कटान रोकने में सफलता हाथ नहीं लग रही है। गौरतलब है कि रविवार को पपसरा रिंग तटबंध की ठोकर नंबर पांच धीरे-धीरे गंगा में समाने लगी थी।
लोगों ने ठोकर कटने से तटबंध को खतरा देखते हुए बाढ़ खंड को सूचित किया था। लोगों का कहना था कि यदि गंगा की तेज धार ऐसे ही बनी रही तो तटबंध भी कट सकता है। इसके बाद गांव में पानी घुसने का पूरा-पूरा अंदेशा है। ठोकर नंबर पांच एक सप्ताह पहले ही कटने लगी थी लेकिन, बाढ़ नियंत्रण ने कटाव निरोधक कार्य करा दिए। जिसके चलते कुछ दिनों तक राहत मिली रही। गंगा का पानी खेतों को काटते हुए रिंग तटबंध की ओर बढ़ रहा है। उधर रिंग तटबंध से गंगा की धार करीब पचास मीटर दूर रह गई है। शाम होने तक मरम्मत कार्य चलता रहा।