जिले में राजकीय और सहायता प्राप्त 58 माध्यमिक काॅलेज संचालित हैं। इनमें से 25 राजकीय है। सभी काॅलेजों में सुबह 7:50 से डेढ़ बजे तक बच्चों की पढ़ाई के निर्देश हैं। जिसमें प्रधानाचार्य के साथ शिक्षकों को निर्धारित समय पर अपने-अपने काॅलेजों में पहुंचकर बायोमीट्रिक मशीन पर आनलाइन हाजिरी लगाने के निर्देश है।
जिला विद्यालय निरीक्षक से शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने शिकायत की है कि हर बार बोर्ड परीक्षा में निजी स्कूल के ही विद्यार्थी टाॅपटेन की सूची में आते हैं। जबकि, राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूल हर बार पिछड़ जाते हैं। इसका कारण है कि कुछ शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती। पदाधिकारियों ने राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए बायोमीट्रिक मशीन की हाजिरी का प्रिंट हर माह निकलवाकर सत्यापन करने के बाद ही शिक्षकों के वेतन भुगतान की मांग की थी।
शिक्षक संगठन के अनुरोध पर डीआईओएस ने सभी राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों संग प्रबंधकों को आदेश जारी कर दिया कि सभी शिक्षकों के वेतन का तभी भुगतान किया जाएगा, जब वह हर माह बायोमैट्रिक मशीन में हाजिरी का प्रिंट आउट निकलवाकर प्रस्तुत करेंगे। इसके बिना किसी भी शिक्षक का वेतन आहरण नहीं किया जाएगा।
- माध्यमिक शिक्षा संगठन के अधिकारियों के अनुरोध पर राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रधानाचार्य हुए प्रबंधकों को वेतन बिल के साथ हर महीने बायोमीट्रिक मशीन की हाजिरी का प्रिंट लगवा कर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। अगर कोई प्रधानाचार्य या शिक्षक वेतन बिल के साथ हाजिरी प्रिंट नहीं प्रस्तुत करेगा, तो उसका वेतन रोक दिया जाएगा।
- विष्णु प्रताप सिंह, डीआईओएस