जनपद अमरोहा ही नहीं बल्कि वेस्ट यूपी के जनपद रामपुर, बिजनौर, संभल तथा मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ समेत सभी जिलों की सड़कों पर अब एनसीआर से खरीदे गए पुराने वाहनों की दौड़ का रास्ता बंद हो गया है। अब यहां डीजल चलित 10 साल और पेट्रोल चलित 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को एनओसी जारी नहीं की जाएगी।
सूबे के 33 जिलों में ही ये वाहन फर्राटा भर सकेंगे, जो अधिकतर पूर्वी उत्तर प्रदेश के हैं। यहीं पुराने वाहन चलाने को अनापत्ति प्रमाण पत्र एनसीआर क्षेत्र से निर्गत किया जा सकेगा। एनजीटी की पहल पर परिवहन प्राधिकरण ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, क्याेंकि लोग पुराने वाहनों का यहां पंजीकरण कराकर एनसीआर में संचालित करते थे। इससे वहां प्रदूषण कम करने का मकसद पूरा नहीं हो पा रहा था।
दिल्ली में वाहनों की वजह से बढ़ते जा रहे प्रदूषण को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) ने बेहद गंभीरता से लिया था। उसकी ओर से दिल्ली के साथ पूरे एनसीआर में डीजल से चलने वाले 10 साल से ज्यादा पुराने और पेट्रोल से चलने वाले 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
ऐसे वाहनों पर एनजीटी ने कार्रवाई के आदेश भी दिए थे। इसके बाद भी ऐसे वाहनों का वेस्ट यूपी में रजिस्ट्रेशन कराकर उनका संचालन दिल्ली एनसीआई क्षेत्र में धड़ल्ले से किया जा रहा था। इससे प्रदूषण में कोई कमी नहीं आ पा रही थी। इसे देखते हुए एनजीटी की ओर से आसपास के जनपदों की जिला सड़क सुरक्षा समितियों और सड़क सुरक्षा परिषद उत्तर प्रदेश से इस तरह के वाहनों के संचालन से संबंधित आपत्तियां और सुझाव मांगे थे।
इन पर नजर दौड़ाने और रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने 33 जनपद ऐसे चिन्हित किए हैं, जहां पर एनसीआर से वाहनों के लिए ही एनओसी जारी की जा सकेगी। दिल्ली एनसीआर से सटे सहारनपुर, मुरादाबाद, मेरठ, आगरा आदि मंडलों के जिलों के लिए एनसीआर से एनओसी जारी नहीं की जा सकेगी।
इससे इन वाहनों को एनसीआर क्षेत्र में चलने पर रोक लग सकेगी। राज्य परिवहन प्राधिकरण सचिव आरके मिश्र ने अपर परिवहन आयुक्त, उप परिवहन आयुक्त के साथ समस्त आरटीओ व एआरटीओ को इस संबंध में आदेश जारी किया है।
33 जिलों में पुराने वाहन दौड़ाने को मिलेगी एनओसी
आदेश के मुताबिक, इटावा, संतकबीर नगर, अंबेडकर नगर, कुशीनगर, फर्रुखाबाद, जौनपुर, कन्नौज, बलिया, सुल्तानपुर, गाजीपुर, मैनपुरी, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, श्रीवस्ती, औरैया, सोनभद्र, फतेहपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर, बदायूं, बलरामपुर, हरदोई, बहराइच, उरई, एटा, कांशीरामनगर, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, अमेठी जिले में ही पुराने वाहन दौड़ाने के लिए एनओसी मिल सकेगी।
आदेश का उल्लंघन रोकने के लिए एनजीटी ने भिड़ाई तरकीब
अमरोहा(ब्यूरो)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वाहन चालक खेल कर रहे थे। एनजीटी ने उनके खेल पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। जी हां, सस्ते दामों में वाहन चालक एनसीआर क्षेत्र से 10 साल से अधिक डीजल व 15 साल से ज्यादा पेट्रोल चलित वाहनों को खरीद रहे थे।
उनका पंजीकरण सहारनपुर, मेरठ, आगरा, मुरादाबाद, बरेली आदि वेस्ट मंडल के जिलों में करा रहे थे, लेकिन वाहनों का संचालन एनसीआर क्षेत्र में ही कर रहे थे। खुलेआम एनजीटी के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे थे, लेकिन मामला संज्ञान में आने के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यह तरकीब भिड़ाई और वाहन मालिकों के इस खेल पर पूरी तरह रोक लगा दी।