गजरौला और जोया के फर्जी नाम-पते पर चलती पाई गईं 448 एंबुलेंस के मालिकों नोटिस जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह के भीतर सभी एंबुलेंस का पंजीयन निरस्त करने की तैयारी है। ये फर्जी नाम-पते पर रजिस्टर्ड एंबुलेंस दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा में दौड़ती पाई गई थीं। कोरोना काल के समय इस फर्जीबाड़े से पर्दा उठा था।
जिसके बाद उप परिवहन आयुक्त ने सभी एंबुलेंस के पंजीयन निरस्त करने के आदेश दिए थे। सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से फर्जी फर्म का गठन कर कूटरचित प्रपत्रों के जरिए 700 एंबुलेंस का पंजीयन करने का आरोप लगाया था।
एंबुलेंस की संख्या का खुलासा एआरटीओ द्वारा आरटीआई के जवाब से हुई था। एंबुलेंस के पंजीयन पत्रावली में वाहन के पंजीकृत मालिकों द्वारा कारोबार के स्थान के पते के प्रमाणपत्र के रूप में कागजात लगाए गए, वह कूटरचित हैं।
सात सौ से अधिक एंबुलेंस केवल दो फर्जी फर्मों श्री साइन एंबुलेंस सर्विसेज निकट एआरटीओ ऑफिस अतरासी रोड और गगन त्यागी एंबुलेंस सर्विस ग्राम तिगरिया खादर गजरौला और करीब सौ एंबुलेंस इकबाल नगर कस्बा जोया के पते पर पंजीकृत हैं। कीकत में उन नाम-पते पर कोई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है।
नाम-पते पूरी तरह फर्जी हैं। इतना ही नहीं इन पतों पर कोई भी एंबुलेंस सर्विस देने वाली संस्था कार्यरत नहीं है। एंबुलेंस के अधिकतर मालिक उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के मूल निवासी हैं। एआरटीओ महेश कुमार शर्मा ने बताया कि 448 एंबुलेंस के मालिकों नोटिस कर दिए गए हैं।
एक सप्ताह के भीतर सभी एंबुलेंसों के पंजीयन को निरस्त किया जाएगा। साथ ही फर्जी नाम पते पर एंबुलेंस का पंजीयन कराने वाले फर्म के मालिकों पर खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।