अमरोहा के गजरौला और जोया के फर्जी नाम-पते पर चलती पाई गईं 700 एम्बुलेंस के पंजीयन निरस्त होंगे। इसके लिए एआरटीओ कार्यालय से डेढ़ सौ एंबुलेंस मालिकों नोटिस जारी किए गए हैं। कोरोना काल के समय फर्जी नाम-पते पर रजिस्टर्ड एंबुलेंस दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा में दौड़ती पाई गई थीं।
फिलहाल उप परिवहन आयुक्त ने सभी एंबुलेंस के पंजीयन निरस्त करने के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं फर्मों के मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से फर्जी फर्म का गठन कर कूटरचित प्रपत्रों के जरिए 700 एंबुलेंस का पंजीयन करने का आरोप लगाया था।
एंबुलेंस की संख्या का खुलासा एआरटीओ द्वारा आरटीआई के जवाब से हुई था। एंबुलेंस के पंजीयन पत्रावली में वाहन के पंजीकृत मालिकों द्वारा कारोबार के स्थान के पते के प्रमाणपत्र के रूप में कागजात लगाए गए, वह कूटरचित हैं।
सात सौ से अधिक एंबुलेंस केवल दो फर्जी फर्मों श्री साइन एंबुलेंस सर्विसेज निकट एआरटीओ ऑफिस अतरासी रोड और गगन त्यागी एंबुलेंस सर्विस ग्राम तिगरिया खादर गजरौला और करीब सौ एंबुलेंस इकबाल नगर कस्बा जोया के पते पर पंजीकृत हैं।
हकीकत में उन नाम-पते पर कोई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। नाम-पते पूरी तरह फर्जी हैं। इतना ही नहीं इन पतों पर कोई भी एंबुलेंस सर्विस देने वाली संस्था कार्यरत नहीं है। एंबुलेंस के अधिकतर मालिक उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के मूल निवासी हैं।
अस्थायी पते के कॉलम में दोनों फर्मों और इकबाल नगर जोया के फर्जी पते दर्ज किए गए थे। इतना ही नहीं इतनी बड़ी संख्या में फर्म के नाम पंजीकृत एंबुलेंस की स्थानीय लोगों को भी जानकारी नहीं है।
फर्जी नाम-पते पर अंकित सभी 700 एम्बुलेंस के पंजीयन निरस्त होंगे। इसके लिए करीब 150 एंबुलेंस मालिकों को नोटिए दिए जा चुके हैं। चुनाव प्रक्रिया के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब अन्य एंबुलेंस चालकों को नोटिस दिए जाएंगे। सभी एंबुलेंस का पंजीयन निरस्त होगा। फर्जी नाम-पते पर एंबुलेंस का पंजीयन कराने वाली फर्माें के मालिकों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- महेश कुमार शर्मा, एआरटीओ, अमरोहा