फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसडीएम का आदेश स्थगित कलक्ट्रेट को नोटिस जारी

Mon, 16 May 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
नौगावां सादात-अमरोहा रोड पर 224 बुनकरों को आवंटित 53 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कराने के मामले में एसडीएम सदर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजस्व परिषद, इलाहाबाद ने एसडीएम के आदेशों पर रोक लगा दी है और दो अगस्त को अवर न्यायालय के मूल अभिलेखों को तलब किया है।
विज्ञापन



सरकार ने वर्ष 1993 में प्रतिभावान और कार्य में दक्ष 224 बुनकरों के लिए आवास और कार्य स्थल के लिए  नौगावां सादात-अमरोहा रोड पर 53 बीघा जमीन आवंटित की थी। स्टेट हाईवे पर होने के कारण मार्च 2015 में इस जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया था।

बुनकर कालोनी वेलफेयर के चेयरमैन डा.महमूद अली ने एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया। समस्त अभिलेख प्रस्तुत करने के बावजूद एसडीएम सदर ने 18 दिसंबर 2015 और 29 फरवरी को कब्जा करने वाले के पक्ष में फैसला सुनाया।
विज्ञापन


डा.महमूद अली ने इस फैसले के खिलाफ राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद में रिट दायर की और कलक्ट्रेट को पार्टी बनाया। तीन मई को हाईकोर्ट के न्यायिक सदस्य कुंवर फत्तेह बहादुर ने सुनवाई की और प्रतिपक्षीगण (डीएम, एडीएम और एसडीएम) को नोटिस जारी करते हुए अवर न्यायालय के मूल अभिलेख तलब किए और 18 दिसंबर 2015 और 29 फरवरी के आदेशों को निरस्त कर दिया। साथ ही सुनवाई की अगली तारीख दो अगस्त निर्धारित की है।

400 बुनकरों नेे जमा किया था सरकारी कोष में धन
अमरोहा। वर्ष 1993 में कालोनी आवंटित करने के लिए बुनकरों से आवेदन मांगे गए थे। करीब चार सौ बुनकरों ने सिंडिकेट बैंक में एसडीएम और बीडीओ के नाम से खोले गए सरकारी एकाउंट में एक-एक हजार रुपये के हिसाब से करीब चार लाख रुपये जमा किए थे। इसके बाद चार सौ में से 224 बुनकरों का अंतिम चयन किया गया था और उन्हें नौगावां-अमरोहा रोड पर जमीन आवंटित कर दी गई थी।


हथकरघा विभाग ने लिखाई थी रिपोर्ट
अमरोहा(ब्यूरो)। बुनकर कालोनी की कीमती जमीन पर भूमाफिया ने अवैध कब्जा करने के बाद प्लाटिंग शुरू कर दी और रास्ता भी बना लिया। यह प्रकरण जब हथकरघा विभाग के सहायक आयुक्त पीसी ठाकुर के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने विभागीय जांच बैठा दी और धोखाधड़ी के मामले में कब्जा करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण में निवर्तमान एसडीएम समेत कई की गर्दन फंस सकती है।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें