शहरों की आपूर्ति तो बहाल कर ली गई, लेकिन जिले के करीब 300 गांव में अभी तक अंधेरा पसरा हुआ है। इन गांव की आपूर्ति 48 घंटा बीतने के बाद भी बहाल नहीं हो सकी। हालांकि, लाइनों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
शुक्रवार की देर शाम आंधी तूफान का आना बिजली लाइनों के लिए आफत बन गया। जिलेभर में 1051 बिजली के पोल टूट गए। वहीं ट्रांसफार्मर सहित कई जगहों पर लाइनें जमीन पर गिर गई। कुछ जगहों पर लाइनों पर पेड़ टूटकर गिरे। बड़े स्तर पर बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। एक हजार पोल टूटना काफी मायने रखता है। जिन्हें दो दिनों में खड़े करना संभव ही नहीं है। शनिवार और रविवार को दिनभर लाइनों को ठीक करने काम चलता रहा लेकिन, बड़े पैमाने पर बिजली के पोल उपलब्ध नहीं हो सके।
सबसे पहले गांव की आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। नलकूपों के फीडर पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। इसके बाद भी जिले के करीब तीन सौ गांव में रविवार की शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। दो दिनों से ग्रामीण अंधेरे में डूबे हुए हैं। टिंकू, मोनू, ओमवीर, सोनू आदि ने बताया कि उन्हें मोबाइल चार्ज करने के लिए भी पड़ोस के गांव में जाना पड़ रहा है। वहीं गर्मी के चलते बिना बिजली हाल बेहाल है।