अमरोहा। हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में छात्र के नॉनवेज लाने और नाम काटने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब भीम आर्मी के पदाधिकारी भी इसके विरोध में उतर आए है। शनिवार को स्कूल प्रबंधन से मिलने से जा रहे पदाधिकारियों को पुलिस ने रोक दिया। जिसको लेकर हंगामा हुआ। इसके बाद आक्रोशित पदाधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे। विरोध प्रदर्शन किया। प्रधानाचार्य को कलक्ट्रेट में बुलाने की मांग को लेकर एसडीएम से नोकझोंक हुई। डीएम को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा तीन के छात्र पर नॉनवेज लाने को लेकर प्रधानाचार्य की कार्यशैली का लगातार विरोध हो रहा है। शनिवार को भीम आर्मी भारत एक कमिशन के जिलाध्यक्ष मोनू सिंह सागर के नेतृत्व में पदाधिकारी गांधी मूर्ति पर इकट्ठा हुए। इसके बाद सभी हिल्टन कान्वेंट स्कूल जाने के लिए निकल गए। लेकिन, स्कूल पहुंचने से पहले ही पुलिस ने जोया रोड पर पदाधिकारियों को रोक लिया। आक्रोशित पदाधिकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद भीम आर्मी के पदाधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे और विरोध- प्रदर्शन किया।
मांग करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने जो जांच कमेटी घोषित की है। उसकी रिपोर्ट पर जब तक सहमत नहीं होंगे, तब तक प्रधानाचार्य को पद से नहीं हटाया जाता। बच्चे की मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इसलिए बच्चे के लिए मनोचिकित्सक उपलब्ध कराकर उसकी जांच कराई जाए। पीड़ित बच्चों के लिए मुक्त शिक्षा की व्यवस्था की जाए। पुलिस प्रशासन में अन्य दल के पदाधिकारी को स्कूल प्रबंधन से मुलाकात करने से नहीं रोका, लेकिन भीम आर्मी को रोका गया है। इसलिए पुलिस प्रशासन का एक तरफ रवैया भी बंद हो। इस दौरान पुनीत गौतम, यासिर, मसरूफ, विवेक कुमार, उस्मान सैफी मौजूद रहे।
भाकियू पदाधिकारी भी बच्चे के समर्थन में
अमरोहा। हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल प्रकरण में कई संगठन भी आ गए हैं। शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में सौंपा। जिला अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ रजा के नेतृत्व में पदाधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे। पदाधिकारियों ने कहा कि हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने छह साल के छात्र के साथ अभद्र व्यवहार किया। कई घंटे तक बच्चों को अलग बैठ कर रखा और जब अगले दिन छात्र की मां ने प्रधानाचार्य से शिकायत की तो उनसे भी अभद्र व्यवहार किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रकरण की कड़े शब्दों में निंदा की। साथ ही मांग करते हुए कहा कि हिल्टन कान्वेंट स्कूल प्रकरण की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए। प्रधानाचार्य के बयान को संज्ञान में लेकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। गिरफ्तारी भी की जाए। इसके अलावा हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल की मान्यता रद्द की जाए।
स्कूल के पक्ष में आया बजरंग दल
अमरोहा।
हिल्टन स्कूल प्रकरण में बजरंग दल स्कूल के समर्थन में आया है। कार्यकर्ताओं चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्कूल प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की गई तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। प्रांत बल उपासना प्रमुख मेरठ प्रांत बजरंग दल हेमंत सारस्वत ने कहा कि हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ जो मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा कार्य किया जा रहा है, यह गलत है। छात्र के टिफिन में बिरयानी और नॉनवेज भेजना बिल्कुल गलत है। प्रधानाचार्य अपनी तरफ से कुछ नहीं किया तो बच्चों ने शिकायत की। दूसरे बच्चों के अभिभावकों ने प्रधानाचार्य से शिकायत की तो उसके खिलाफ एक्शन लिया गया।
प्रधानाचार्य के खिलाफ हो कार्रवाई
हिल्टन स्कूल प्रकरण को लेकर जमीअत उलमा ने बच्चों के साथ गैर जरूरी बर्ताव करने को लेकर स्कूल प्रबंधन व प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य ने छोटे बच्चे को चार घंटे अकेले में रखा। उसे गैर जरूरी शब्द कहकर अपमानित किया। उनकी मांग है कि प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की जाए। इस दौरान मास्टर सैयद जाकिर हुसैन काजमी, हाफिज मोहम्मद हनीफ मौजूद रहे।
- मामले को बिना वजह तूल दिया जा रहा है। शनिवार को विद्यालय से शिक्षकों को प्रतिनिधिमंडल छात्र के परिजनों से मिलने गया था। उनसे मुलाकात करते हुए मामले को निपटाने का आग्रह किया। लेकिन, उन्होंने सभी अनुरोध का ठुकरा दिया। -अवनीश कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य।
बीएसए स्तर से की जाएगी जांच : डीआईओएस
अमरोहा। डीआईओएस वीपी ने बीएसए को पत्र जारी करते हुए उनके स्तर से जांच करने के लिए कहा है। पत्र में कहा, डीएम के आदेश पर मामले में त्रिस्तरीय जांच टीम गठित की गई। स्कूल नर्सरी से कक्षा आठ तक अंग्रेजी माध्यम की मान्यता बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निर्गत एवं बेसिक शिक्षा के नियंत्रणाधीन संचालित है। कक्षा नौ से 12 तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली से संबद्धता प्राप्त है। इसके नियंत्रक क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, देहरादून है। वहीं, तीन से 14 वर्ष तक आयु वर्ग के बच्चों के प्रवेश की कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग के स्तर से होती है। ऐसे में इस प्रकरण की जांच बीएसए डॉ. मोनिका के स्तर से की जानी चाहिए। संवाद