अमरोहा। जिले में नगरीय क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों की वास्तविक हालात सामने आ गए हैं। सरकारी स्कूलों में दिव्यांगों के लिए शौचालय तक नहीं है। इसके अलावा 10 स्कूलों में रसोई घर अधूरे हैं। अब ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हालात में बदलाव होने हैं। बेसिक शिक्षा परिषद ने अधिशासी अधिकारियों को स्कूलों की सूची उपलब्ध कराई है। इसके तहत पहले चरण में शहर के 10 स्कूलों की सूची नगर पालिका को उपलब्ध करा दी गई है।
नगर विकास के प्रमुख सचिव ने जुलाई में नगरीय क्षेत्रों के परिषदीय स्कूलों को ऑपरेशन कायाकल्प के तहत चयन करने का निर्देश दिया लेकिन अधिशासी अधिकारियों ने कोई पहल नहीं की है। बेसिक शिक्षा परिषद ने समन्वय नहीं बना सका। अमर उजाला ने 18 नवंबर को मामले को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद के अफसर हरकत में आएं। एडीएम वित्त और राजस्व विनय कुमार सिंह के निर्देश पर शहर के स्कूलों की सूची तैयार की गई। इसके बाद शहर के 10 परिषदीय स्कूलों के हालात के बारे में अधिशासी अधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई। बेसिक शिक्षा परिषद ने दोबारा में जिले के सात नगरीय निकायों के स्कूलों का परीक्षण किया। कुल 46 स्कूलों की संबंधित नगरीय निकाय के अधिशासी अधिकारियों को भेजी गई है। जिसमें चौकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें हसनपुर, उझारी, बछरायूं, धनौरा और नौगांवा सादात के कई परिषदीय स्कूलों में रसोई घर तक नहीं है। इसके अलावा सभी स्कूलों में दिव्यांगो के लिए शौचालय भी नहीं है। कक्षाओं में फर्श पर टाइल्स नहीं है। उनके लिए रैंप और रेलिंग भी नहीं है। इसके अलावा शौचालय और मूत्रालय में टाइल्स नहीं बिछे हैं। उनमें नल जल से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट का अभाव है।