शहर में पॉलीथिन पर प्रतिबंधन का मिलाजुला असर देखने को मिला। मुख्य बाजारों में थैला देखने को मिला। जबकि गली मोहल्लों में बेधड़क पॉलीथिन का इस्तेमाल होता मिला। हालांकि मेन रोड पर ठेला लगाने वालों ने पॉलीथिन के इस्तेमाल से परवेज किया। वहीं जागरूक लोग घर से थैला लेकर बाजार में निकले। प्रदेश सरकार ने पॉलीथिन के दुष्प्रभाव को देखते हुए इसे सूबे में प्रतिबंधित कर दिया है।
सरकरा ने प्रतिबंध की तारीख पंद्रह जुलाई तय की थी। इसका असर रविवार को बाजार में देखने को मिला। कहीं पाबंदी का खौफ दिखा तो कहीं पाबंदी की अनदेखी। शहर के मुख्य बाजारों और मेन रोड पर दुकानदार और ठेले वाले पालीथिन का इस्तेमाल करते कम ही दिखे। जबकि गली मोहल्ला में प्रतिबंध का कोई खौफ नहीं दिखा। दुकानदार और ग्राहक बिना डर के पालीथिन का इस्तेमाल करते नजर आए। वहीं प्रशासन ने भी पहले दिन कोई सख्ती नहीं दिखाई, बल्कि रैली निकालकर लोगों को पॉलीथिन के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करने का काम किया।
पॉलिथीन प्रतिबंध का नहीं दिखा असरः मंडी धनौरा में प्रदेश सरकार द्वारा पॉलिथीन की बिक्री और उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध का कोई असर दिखाई नहीं दिया।
लोग खुलेआम पॉलिथीन में सामान ले जाते हुए दिखाई दिए। पालिका प्रशासन का कहना है कि पॉलिथीन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार से पॉलिथीन जब्त करने को अभियान चलाया जाएगा। फड़ व ठेले वाले अभी भी सामान पॉलिथीन में दे रहे हैं। उपजिलाधिकारी संजय कुमार का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद पॉलिथीन के प्रयोग और बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।