डीएम की अध्यक्षता की होने वाली बैठक में चिह्िन्त किए गए बान नदी की तटवर्ती 42 गांव गांवों के प्रधान, लेेखपाल, कानून गो को बैठक में बुलाया गया है। इनके अलावा राजस्व विभाग, विकास विभाग, बाढ़ खंड, सिंचाई विभाग और मनरेगा के अफसर मौजूद रहेंगे। इसमें एस्टीमेट तैयार किए जाने के साथ ही इस दौरान होने वाले विरोध से निपटने की रणनीति आदि पर भी चर्चा की जाएगी।
बान की आन बचाने को आगे आई भाकियू
अमरोहा। बान नदी का अस्तित्व बचाने के लिए अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अभियान से गैर राजनीतिक संगठन भी जुड़ने लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने भी अभियान से जुड़ते हुए इसको लेकर प्रदर्शन करने और जरूरत पड़ने पर श्रमदान करने की बात कही है।
सूख चुकी बान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अभियान को प्रशासन के बाद अब गैर राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। भारतीय किसान यूनियन ने अमर उजाला की मुहिम की प्रशंसा करते हुए नदी खुदाई को आगे आई है। जिला अध्यक्ष उम्मेद सिंह का कहना है कि बान नदी को पुनर्जीवित कराने में पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
उनका कहना है किसान नदी खुदाई में सहयोग करने को तैयार हैं, श्रमदान करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। क्योंकि, नदी की खुदाई से क्षेत्र के जलस्तर में सुधार आएगा और सिंचाई की समस्या हल होगी। उन्होंने प्रशासन से नदी की जल्द से जल्द खुदाई कराए जाने की मांग की है। उधर, गन्ना समिति के चेयरमैन भगत सिंह बॉबी भी अभियान से जुड़ते हुए बान नदी की खुदाई का पुरजोर समर्थन किया है।