अमरोहा। भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर ग्रेनेड से हमला करने वाले सैदुल अमीन के करीबी नवाब और सिहाली जागीर के रहने वाले अब्दुल हकीम बेटे के साथ एनआईए कार्यालय में पेश हुए। टीम के अफसरों के जवाब देकर दोनों देर रात तक लौट आए। सूत्रों के मुताबिक दोनों से सवालों के जवाब मिलने के बाद एनआईए दोबारा से अमरोहा शहर में छापा मार सकती है। हालांकि, दोनों से एनआईए ने क्या सवाल किए और इन्होंने क्या जवाब दिए यह गोपनीय रख गया है।
सात अप्रैल को जालंधर में भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड से हमला किया गया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जालंधर पुलिस ने शहर के मोहल्ला कटरा बख्तावर निवासी सैदुल अमीन को गिरफ्तार किया था, जिसकी गिरफ्तारी दिल्ली से हुई थी। लंबी पूछताछ के बाद जालंधर पुलिस ने सैदुल अमीन को इस मामले को जेल भेज दिया था। इसके पहले उसकी मां अमीना को जालंधर बुलाकर बेटे से आमना सामना भी कराया था।
सैदुल दिल्ली में वैल्डिंग का कार्य करता था। इसके बाद तीन बार अमरोहा पहुंची जालंधर पुलिस ने उसकी मां के बैंक खातों से लाखों रुपये के लेनदेन का ब्योरा चेक किया था। इस खाते का इस्तेमाल सैदल अमीन खुद ही करता था। बाद में जालंधर पुलिस ने मोहल्ले के ही निवासी सैदुल अमीन के करीबी दोस्त नवाब को भी अपने साथ ले जाकर पूछताछ की थी। इस दौरान सामने आया था कि सैदुल अमीन ने हमले से कुछ दिन पहले ही रोजगार दिलाने के बहाने नवाब को भी अपने पास हरियाणा के कुरुक्षेत्र बुलाया था। बाद में सामने आए तथ्यों ने पुलिस जांच का रुख दूसरी ओर मोड़ दिया। हमले में बब्बर खालसा आतंकी संगठन के शामिल होने के सुराग मिलने पर प्रकरण की जांच एनआईए कर रही है।
25 जून को एनआईए की टीम ने अमरोहा में मारा था छापा
25 जून की सुबह एनआईए ने अमरोहा शहर के मोहल्ला कटरा बख्तावर सिंह निवासी नवाब अली व हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सिहाली जागीर निवासी अब्दुल हकीम के घर छापा मारा था। करीब तीन-तीन घंटे दोनों घरों में रुकी टीम ने परिजनों से लंबी पूछताछ की थी। घर के नक्शे भी तैयार किए थे। एनआईए की पुछताछ में सामने आया था कि दिल्ली में नौकरी करने वाला अब्दुल हकीम का बेटा अजीम डेढ़ साल पहले से संभल में किसी सूफी के यहां नौकरी कर रहा है, जबकि नवाब शहर में ही मेहनत मजदूरी करता है। अमरोहा से लौटी एनआईए ने दोनों परिवारों को तीन जुलाई को दिल्ली मुख्यालय भी बुलाया था। सूत्रों की माने तो बृहस्पतिवार को दोनों परिवार दिल्ली में एनआईए अफसरों के सामने पहुंचे, जहां उनसे अलग-अलग लंबी पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें वापस अमरोहा भेज दिया गया। एनआईए ने बुलाए जाने पर दोबारा फिर से उन्हें पहुंचने के लिए कहा गया है।