नौगांवा सादात। क्षेत्र के ग्राम खेड़का में चल रहे श्री मद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्री कृष्ण जन्म की लीला का वर्णन किया गया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथा व्यास यश कृष्ण आचार्य ने कहा कि शुकदेव जी महाराज परीक्षित से बोले, जब-जब धर्म की हानि हुई है तब-तब प्रभु ने अवतार लेकर जगत का कल्याण किया है। सत्य सनातन की धुरी है। राम और कृष्ण के अस्तित्व इसी पर टिके हैं। सुखदेव जी कहते हैं कि हे परीक्षित यश-अपयश, लाभ-हानि, जीवन-मरण सब में मैं ही हूं। समूचे ब्रह्मांड की छवि मुख में रखने वाले गिरधर गोपाल की महिमा अपार है। काया का और माया का कभी घमंड न करें। यह सब नश्वर है। जीव-जन्तुओं को छोड़ अपने अंदर की बुराइयों को मारो। सच्चाई, ईमानदारी और कर्तव्य पालन वीरता शौर्य की पहचान है। भाग्य और कर्म से बढ़कर कुछ नहीं। व्यास जी द्वारा गाए जन्म लियो उड़े अबीर गुलाल जैसे भजनों को सुन भक्तगण भावविभोर हो गए। सुंदर झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। संगत और भक्ति मोक्ष के द्वार हैं। अपने भक्तों की करुण पुकार सुन बिहारी जी दौड़े चले आते हैं। राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी जैसे भजनों ने समा बांध दिया। श्री कृष्ण के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। इस दौरान रामौतार यादव, किरन यादव, रवि खेड़का, अशोक राणा, धीर सिंह आदि मौजूद रहे।