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Amroha News: पौने पांच करोड़ के गबन में फंसा गन्ना विभाग का वरिष्ठ सहायक पांच माह से लापता

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गजरौला(अमरोहा)। पौने पांच करोड़ रुपये का गबन करने में फंसा गन्ना विभाग का निलंबित वरिष्ठ सहायक पांच महीने से लापता है। वहीं, तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह गबन का मामला सामने आने पर बीते साल ही हटा दिए गए थे। अभी उनको तैनाती नहीं मिली है। हेमेंद्र प्रताप सिंह को लखनऊ मुख्यालय संबद्ध और प्रीतम सिंह कासगंज आबद्ध चल रहे हैं।
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बीते साल 16 जुलाई को ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गजरौला प्रीतम सिंह ने थाना गजरौला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक विभाग का कार्यालय फाजलपुर में है। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक आशीष सैनी पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गजरौला के साथ ही गन्ना विकास परिषद चंदनपुर कार्यालय की भी जिम्मेदारी है। गन्ना विकास परिषद गजरौला व चंदनपुर में हुए गबन की जांच के लिए उप गन्ना आयुक्त मुरादाबाद ने जिला गन्ना अधिकारी मुरादाबाद की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम ने वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक के लेखों की जांच की, जिसमें पाया गया कि आशीष सैनी ने अलग-अलग बैंक से रकम की निकासी की।
इसके अलावा आशीष सैनी द्वारा अपनी पत्नी प्रीति सैनी के गन्ना विकास परिषद गजरौला व चंदनपुर के यूनियन बैंक अमरोहा, कैनरा बैंक अमरोहा, एचडीएफसी अमरोहा, पंजाब नेशनल बैंक अमरोहा, कैनरा बैंक गजरौला, एक्सिस बैंक गजरौला एवं जिला सहकारी बैंक के खाते में से रकम ट्रांसफर की। आशीष सैनी ने यूनियन बैंक अमरोहा से 23192102, एचडीएफसी बैंक अमरोहा से 5126836 व एचडीएफसी जोया से 510773 रकम ट्रांसफर की गई थी। गबन की पुष्टि होने व आशीष सैनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज दर्ज होने पर विभाग ने अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की।
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बीते सितंबर में उसे निलंबित कर लखीमपुर खीरी जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया, लेकिन उसने ज्वाइन नहीं किया। पांच महीने से लापता चल रहा है। अमरोहा के जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अजय सिंह ने उसके पांच महीने से लापता होने की पुष्टि की है। बताया कि अब जो भी कार्रवाई करनी है, वह पुलिस करेगी। थाना प्रभारी अरिहंत सिद्धार्थ ने बताया कि गन्ना विभाग के अफसरों की अनुमति मिलने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।



छह महीने पूर्व हटाए गए थे जिला गन्ना अधिकारी व एससीडीआई
गजरौला। गबन में फंसने पर 16 जुलाई को आशीष सैनी के खिलाफ गजरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके दो महीने बाद उसे निलंबित कर दिया गया। वरिष्ठ सहायक पर गबन की रिपोर्ट दर्ज होने की आंच से तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह भी नहीं बच पाए। उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई थी। जहां गन्ना विभाग ने 31 अगस्त को जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह को अमरोहा से हटाकर लखनऊ मुख्यालय संबद्ध किया गया। वहीं दस सितंबर को प्रीतम सिंह कासगंज आबद्ध किए। हेमेंद्र प्रताप सिंह को साढ़े पांच महीने हो गए, लेकिन कहीं पर तैनाती नहीं मिली है। प्रीतम सिंह भी पांच महीने से कहीं पर तैनात किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।
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