आदमपुर पुलिस टालमटोल करती रही और कातिलों ने पूर्व सैनिक व दढ़ियाल प्रथमा बैंक के कर्मचारी नितिन शर्मा को मारकर मीलों दूर ईख के खेत में ले जाकर गाड़ दिया। 25 अगस्त को आदमपुर के गांव रहरा से लापता हुए नितिन का शव शुक्रवार को संभल जिले में ताजुद्दीन गांव में ईख के खेत में गड़ा मिला है।
दढ़ियाल के ही भूरा ने नितिन की हत्या को कबूलते हुए पुलिस को बताया है कि थप्पड़ का बदला लेने के लिए उसने अपने दोस्त नितिन को मार डाला। हालांकि हत्या के पीछे अवैध संबंधों की कहानी भी उजागर हो रही है।
अमरोहा में नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव जमना खास निवासी नितिन शर्मा (40) आर्मी में हवलदार थे। रिटायर्ड होने के बाद उन्होंने प्रथमा बैंक में नौकरी शुरू कर दी थी। नितिन की पत्नी वर्षा और दो बच्चे मुरादाबाद में मझोला थाना क्षेत्र में लाइनपार कुंदनपुर में रहते हैं जबकि वह खुद रहरा में किराए पर कमरा लेकर रहते थे। जुलाई 2015 से नितिन की आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव दढ़ियाल में स्थित प्रथमा बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी/ दफ्तरी के रूप में तैनात थे।
25 अगस्त को शाम करीब छह बजे नितिन ने अपनी पत्नी वर्षा को आखिरी बार कॉल की तो बैकग्राउंड को वर्षा को लड़ाई - झगड़े की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इससे पहले कि वर्षा कुछ समझ पातीं कॉल कट गई और फोन बंद हो गया तभी से नितिन का कुछ पता नहीं था। आदमपुर पुलिस पीड़ित परिजनों को टहलाती रही और गुमशुदगी तक दर्ज नहीं की गई। पुलिस परिजनों को सलाह देती रही कि खुद खोज लें और खुद सीडीआर निकाल लाएं।
डीआईजी के निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आई तो पुलिस के हाथ दढ़ियाल के भूरा तक पहुंचे। पुलिस पूछताछ में टूटे भूरा ने साथियों के संग मिलकर नितिन की हत्या करने का गुनाह कबूल लिया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे संभल जिले में नखासा थाना क्षेत्र के गांव बड़ा ताजुद्दीन के जंगल में गन्ने के एक खेत में गड्ढा खोदकर दबाया गया नितिन का सड़ चुका शव बरामद कर लिया। भूरा ने नितिन की बाइक अनूपशहर से बरामद करा दी है। शव बरामद होने से नितिन के परिवार में कोहराम मचा है।