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सात साल पहले हुई पिता की बेइज्जती का बदला लेने को मौसेरे भाई ने की थी इंतखाब की हत्या

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अमरोहा कोतवाली में इंतखाब हत्याकांड का खुलासा करते एएसपी अजय प्रताप सिंह। - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। इंतखाब की हत्या उसके मौसेरे भाइयों ने ही की थी। इसका खुलासा नगर कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही कर दिया। पुलिस ने देर रात सगे मौसेरे भाई सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बताते हैं, इंतखाब ने भरी पंचायत में अपने मौसा की जूतों-चप्पलों से पिटाई की थी। तभी से मौसेरा भाई पिता की बेइज्जती का बदला लेने की फिराक में था। इंतखाब आरोपी सगे भाइयों को मुर्गी चोर कहकर चिढ़ाता था। साथ ही आरोपी की मां-बहन पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करता था। तीनों आरोपी इंतखाब के रवैये से बेहद आहत थे। लिहाजा, उन्होंने हत्या कर शव आम के बाग में छिपा दिया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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सोमवार की शाम नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नौगजा नई बस्ती निवासी इंतखाब अचानक लापता हो गया था। मंगलवार की सुबह इंतखाब की पत्नी उजमा परवीन ने नगर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके थोड़ी देर बाद इंतखाब का शव नौगांवा सादात थानाक्षेत्र में दाउद सराय रोड स्थित आम के बाग में पड़ा मिला था। उसके गले पर और सिर पर चोट के निशान थे। पास में उसका मोबाइल पड़ा मिला। नौगांवा सादात पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हत्या की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया था। इंतखाब की गुमशुदगी नगर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज थी। इसलिए इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह के निर्देश पर पुलिस कर्मी छानबीन में जुट गए। पुलिस ने सगे मौसेरे भाई अली हैदर निवासी मोहल्ला जलीलाबाद, दो सगे भाई अली इमरान और अली अब्बास निवासी मोहल्ला लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने इंतखाब की हत्या करना कबूल कर लिया।
बुधवार को नगर कोतवाली में एएसपी अजय प्रताप सिंह और सीओ दिनेश यादव ने हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इंतखाब आरोपी अली हैदर का सगा मौसेरा भाई है। इंतखाब ने 7 साल पहले अली हैदर के पिता रफीक अहमद की मामूली झगड़े के बाद पंचायत में विवाद बढ़ने पर जूतों-चप्पलों से पिटाई की थी। इसकेेेे बाद इंतखाब अपने मौसेरे भाई अली हैदर को टिप्पणी करके चिढ़ाता था। तभी से अली हैदर उससे बदला लेना चाहता था। इतना ही नहीं इंतखाब ने तीन साल पहले मोहल्ला नौगजा नई बस्ती निवासी आरोपी अली इमरान की पिटाई कर दी थी। साथ ही वह अली अब्बास और अली इमरान को मुर्गी चोर कहकर चिढ़ाता था। मां-बहन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता था। तीनों आरोपी इंतखाब के रवैये से आहत हो गए थे। लिहाजा तीनों आरोपी इंतखाब को अपने साथ आम के बाग में ले गए। जहां उसकी डंडे से पिटाई की और गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहीं पर छिपा दिया था।
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