हसनपुर(अमरोहा)। हसनपुर सर्किल एक बार फिर रिश्तों के कत्ल के लिए बदनाम हुआ है। आदमपुर के गांव दढ़ियाल में पति ने जंगल में पत्नी की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या करने की घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रिश्तों का खून चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी में 14 अप्रैल, 2008 की रात परिवार की इकलौती बेटी शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर पिता शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस, राशिद, भाभी अंजुम, भांजी राबिया व 11 माह के भतीजे अर्श की गला रेतकर हत्या कर दी थी। रिश्तों के कत्ल की यह बड़ी घटना देश विदेशों में सुर्खियों में रही थी। इसके बाद 19 नवंबर 2018 को गांव रामपुर भूड़ में जुए में रुपये हारने के बाद पत्नी के नाराजगी जताने से गुस्साए पदम सिंह ने खेत में 35 वर्षीय पत्नी की गर्दन काट दी थी और खुद ही थाने पहुंच गया था। जुलाई 2019 में गांव जयतौली में जेठ ने छोटे भाई की पत्नी के साथ मिलकर छोटे भाई समरपाल की हत्या कर दी थी। शव को गन्ने के खेत में छुपा दिया था। गांव जेबड़ा में जमीनी रंजिश में सतपाल ने अपने ही बुजुर्ग पिता की दरांत से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी।
खून से सने कपड़े छुपाए, दूसरे कपड़े पहनकर पहुंचा पुलिस चौकी
हसनपुर। पत्नी की गर्दन काटकर हत्या करने के बाद सुनील ने पहले खून से सने कपड़े बदले। वह पहले से ही एक जोड़ी कपड़े बुग्गी में रखकर जंगल में ले गया था। कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद उसके कपड़ों पर खून लग गया था। इसके बाद आरोपी ने कपड़े बदले। खून से सने कपड़ों को वहीं छुपा दिया। बाद में पुलिस ने खून से सने आरोपी के कपड़ों को जंगल से बरामद किया।
गांव की महिलाओं ने की मृतका की तारीफ
हसनपुर। आदमपुर क्षेत्र के गांव दढियाल में पति द्वारा पत्नी की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या करने के बाद अमर उजाला की टीम गांव पहुंची। मोहल्ले की महिलाओं ने मृतका की तारीफ की। कहा कि मृतका का व्यवहार बहुत ही अच्छा था। लेकिन उसका पति उसे मोहल्ले में किसी से भी बात नहीं करने देता था। हमेशा अपनी पत्नी को डांटता रहता था। मृतका का चाल चलन बहुत ही अच्छा था। वह गलत नहीं हो सकती। पति बेवजह परेशान करता था।
गांव से तीन किमी दूर ले जाकर की हत्या
हसनपुर। गांव दढ़ियाल निवासी सुनील ने गांव से तीन किमी दूर जंगल में ले जाकर पत्नी की हत्या की। यदि उसे खुद ही सरेंडर ही करना था। तो वह इस घटना को घर में भी अंजाम दे सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उसे पता था कि यदि घर में मारूंगा तो चिल्लाने पर आसपास के लोग उसे बचाने आ जाएंगे। घर में छोटे-छोटे दो बच्चे व बुजुर्ग मां भी है। बताते हैं कि कभी लकड़ी लेने के लिए वह जंगल में पत्नी को साथ लेकर नहीं गया।