हसनपुर। ब्लाक क्षेत्र के गांव दमगढ़ी निवासी मुकेश 104 वोटों से प्रधानी का चुनाव जरूर जीत गए, लेकिन वह जीत का जश्न नहीं देख सके। मतगणना से कई दिन पूर्व ही हृदय गति रुकने से मुकेश की मौत हो गई थी। परिवार में मातम छाया हुआ है।
35 वर्षीय मुकेश ने प्रधानी का चुनाव गांव में मेहनत एवं ईमानदारी के साथ लड़ा था। चुनाव के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। 23 अप्रैल को हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सोमवार को मतगणना में उन्हें कुल 243 मत प्राप्त हुए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी से 104 वोटों से चुनाव जीत लिया। लेकिन चुनावी जीत देखने के लिए मुकेश अब जीवित नहीं है। चुनाव तो जीत लिया लेकिन जिंदगी की जंग पहले ही हार चुके मुकेश के घर में जीत की कोई खुशी भी नहीं है। कई दिन से घर में मातम पसरा हुआ है। उनके घर में 4 बच्चे हैं। बच्चे एवं पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक मुकेश के भाई जितेंद्र का कहना है कि मुकेश उझारी में हलवाई की दुकान चलाते थे। वह कभी राजनीति में नहीं रहे। पहली बार ही वह चुनाव मैदान में उतरे थे। गांव में आज तक उनका किसी से विवाद नहीं हुआ था। गांव में उनकी छवि बहुत ही अच्छी थी और सभी ग्रामीणों से मिलजुल कर रहते थे। उनका व्यवहार बहुत ही अच्छा था। लेकिन जिस दिन से उनकी मौत हुई है। गांव के अधिकांश लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।