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Amroha News: नौहा पढ़कर किया मातम, गमगीन हुआ महौल

Mon, 25 Aug 2025 02:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। रसूले खुदा की वफात और उनके नवासे हजरत इमाम हसन की यौमे शहादत पर मोहल्ला मंडी चौब स्थित इमामबाड़े में शनिवार रात मातम व नौहाखानी की मजलिस आयोजित की गईं। शबीहे ताबूत उठाते हुए अजादारों ने नौहा पढ़कर मातम कर अपने गम का इजहार किया। अंजुमन अकबरी के नौहाख्वान शुजा और नासिर ने तारीखी नौहा हाय इमामे हसन, हाय इमामे हसन पढ़कर फिजा को गमगीन बना दिया।
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अमरोहा के मोहल्ला सट्टी स्थित शजर अब्बास के मकान से शबीहे ताबूत का जुलूस बरामद किया गया। मजलिस में सोज-ओ-सलाम अफजाल हैदर ने पेश किया। मौलाना डाॅ. शाहवार हुसैन ने इमाम हसन की शहादत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मोहम्मद साहब ने खुदा का पैगाम पूरी दुनिया तक पहुंचाया। मजलूमों, गुलामों, औरतों, बेसहारा व यतीमों को उनका हक दिलाया। इंसानियत का सबक पढ़ाते हुए सच्चाई की राह पर चलने व अमन-चैन का संदेश दिया। अगर इंसान अल्लाह की किताब कुरान और मोहब्बते अहलेबैत पर अमल करें तो वह कभी परेशान नहीं हो सकता। इस दौरान शजर अब्बास, गुफरान मेहंदी, समर अब्बास, मोहम्मद इमरान, शानदार मेहंदी मौजूद रहे।
मोहल्ला शफातपोता में मोहम्मद हादी जैदी की ओर से मजलिस में मर्सिया शादाब अमरोहवी ने पढ़ा। मौलाना ने कहा कि मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को न सिर्फ अमन का पैगाम दिया बल्कि अपने किरदार से दुनिया को रौशन करने का तरीका भी बताया। उन्होंने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब का दुनिया में आने का मकसद लोगों में भाईचारा व मोहब्बत का पैगाम देना था। इनके अलावा मोहल्ला दरबार-ए-कलां, दानिशमंदान, गुजरी, पचदरा, कटकुई, लकड़ा, मजापोता आदि मोहल्लों में भी मजलिस का आयोजन करते हुए लोगों को शबीहे ताबूत की ज्यारत कराई गई।
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