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Amroha News: अनुज का शव पहुंचते ही मां और बहन हो गईं बेसुध

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मंडी धनौरा (अमरोहा)। स्नेहा का मर्डर करने के बाद सुसाइड करने वाले अनुज का शव शुक्रवार की शाम करीब चार बजे सुनगढ़ माफी गांव पहुचा। शव को देखते ही मां सुरेश देवी व बहन अवंतिका बेसुध हो गईं। अनुज के घर पर मौजूद लोगों की भी आंखें नम थीं। शव को घर पर 15 मिनट रखने के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले गए। सुनगढ़ माफी गांव के अलावा आसपास के गांवों से भी लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। क्षेत्र के गांव सुनगढ़ माफी निवासी लोकेश के पुत्र अनुज ने नोएडा में बृहस्पतिवार को अपने साथ पढ़ने वाली कानपुर निवासी स्नेहा का मर्डर कर खुद भी सुसाइड कर लिया था। अनुज का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की दोपहर बाद करीब चार बजे गांव पहुचा। तमाम परिजन, रिश्तेदार व ग्रामीण शव का इंतजार कर रहे थे। एम्बुलेंस से शव बाहर निकालते ही मां सुरेश देवी व बहन अवंतिका लिपट कर बिलखने लगीं। अर्थी पहले से ही तैयार कर ली गई थी। 15 मिनट के भीतर ही अनुज के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
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मां व बहन बोली एक बार तो अपने मन की बात शेयर करता
अनुज की मां व बहन रोते रोते कह रही थी कि काश अनुज एक बार तो अपने मन की बात उनसे शेयर करता। अपने इकलौते भाई के शव से लिपट कर बिलख रही बहन अवंतिका का कहना था कि भाई के मन में कोई बात थी तो कम से कम मुझसे या मां से तो शेयर करता। लेकिन इस संबंध में आज तक उसने कोई चर्चा ही नहीं की। बहन अवंतिका का कहना था कि वैसे तो भाई हर बात शेयर करता था, लेकिन इस संबंध में उसने आज तक कोई बात नहीं बताई। गांव में अनुज की वायरल वीडियो की ही चर्चा हो रही थी। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि पढ़ने व खेलने में होशियार अनुज ऐसा घातक कदम कैसे उठा सकता है।

शुरू से ही पढ़ने में होशियार था अनुज
अनुज शुरू से ही पढ़ने में होशियार था। उसने कक्षा छह में विद्याज्ञान की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। विद्याज्ञान की परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण व टफ मानी जाती है। कक्षा छह से 12 तक उसने विद्याज्ञान बुलंदशहर से शिक्षा प्राप्त की। कुछ समय के लिए वह पढ़ाई के लिए बरेली भी गया था। लेकिन बाद में क्लीनिकल साइकोलोजी में स्नातक करने नोएडा पहुंच गया। यहां उसकी मुलाकात स्नेहा से हो गई। एक ग्रामीण ने बताया कि अनुज का सपना डाॅक्टर बनने का था। पिता लोकेश ने भी बेटे की हर इच्छा पूरी करने के लिए दिल खोलकर खर्च किया, लेकिन उनको क्या मालूम था कि बेटा बीच में ही साथ छोड़ जाएगा। अनुज अच्छा स्पोर्ट्समैन था। विद्याज्ञान बुलंदशहर में पढ़ाई के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए बेस्ट एथलीट का अवार्ड प्राप्त किया था।
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जिंदगी में यह दिन भी देखना बाकी था
पोते व बेटे के शव को देखकर धर्मपाल सिंह व लोकेश रो रहे थे। अपने बेटे लोकेश से लिपट कर बुजुर्ग धर्मपाल बार बार एक बात कह रहे थे कि जिंदगी के आखिरी दिनों मेें यह दिन भी देखना बाकी था। अनुज के दादा का अपने बेटे यानि अनुज के पिता लोकेश से लिपट कर रोता देेख तमाम लोगों की आंखें भर आई। पिता लोकेश ने बताया कि 20 दिन पहले जब अनुज घर आया था तो उसने गन्ने की बुवाई कराने में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। वह चार दिन घर पर रहा था। उस समय घर पर आनंदपुर साहिब वाले गुरुजी का सत्संग का कार्यक्रम घर पर कराने की तैयारी थी, लेकिन गांव में एक मौत हो जाने के कारण सत्संग कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था। सत्संग में अनुज को भी भाग लेना था।
स्नेहा ने मुझे यूज किया
अनुज की 23 मिनट की वीडियो की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। इस वीडियो में अनुज कह रहा है कि स्नेहा ने उसका यूज किया। वह पूरी तरह बेवफा निकली। अनुज का कहना है कि उसने स्नेहा को समझाने के काफी प्रयास किया, लेकिन वह उसको यूज कर किसी और के साथ रिलेशनशिप में रह रही थी। उसने मुझे धोखा दिया। अनुज कह रहा है कि उसने जिंदगी में बहुत दुख देखे हैं। उसकी बहन को उसके पति ने काफी टार्चर किया है। उसके बाद चाची किसी और के साथ रहने के चक्कर में उसके चाचा को छोड़ गई। वह अपने बच्चों को भी साथ ले गई। इस गम में चाचा की हार्टअटैक से मौत हो गई। उसका रिश्ते नातों से विश्वास उठ गया था, लेकिन स्नेहा के जिंदगी में आने के बाद सब कुछ अच्छा लगने लगा था। लेकिन उसकी बेवफाई ने उसे तोड़ दिया।
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