अमरोहा। मैदान के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में बारिश के चलते गंगा के किनारे बसे गांवों में फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन द्वारा गंगा के किनारे गांवों में बाढ़ चौकियाें को सक्रिय करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में कई बाढ़ चौकियां बंद मिलीं तो, कई केवल चौकीदारों के ही सहारे हैं।
मानसून की दस्तक से मौसम खुशगवार तो हुआ, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने किनारे बसे गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। पिछले बरस बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों के लोगों का दर्द कुछ कम हुआ था, अब फिर से बाढ़ का खतरा सताने लगा है। जिले में 86 किलोमीटर की लंबाई में गंगा नदी बहती है। मंडी धनौरा, गजरौला व हसनपुर क्षेत्र के प्रभावित होने वाले गांवों के लिए प्रशासन द्वारा 11 बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं।
डीएम ने भी बाढ़ चौकियाें को सक्रिय कर कर्मचारियों की तैनाती के आदेश दिए थे लेकिन इसके बाद भी चौकियां सक्रिय नहीं हो सकी हैं। शुक्रवार को अमर उजाला की पड़ताल में कहीं चौकियाें पर ताले लटके मिले, तो कहीं पर केवल चौकीदारों की ही मौजूदगी मिली।
-
तिगरी में खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे बह रही गंगा
बारिश के बाद गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो रहा है। 202 मीटर खतरे का निशान का माना जाता है, जबकि अभी 199.10 मीटर के निशान पर गंगा बह रही है।
-
गजरौला: 11 बजे
तिगरी की बाढ़ राहत चौकी पर लटका मिला ताला
गजरौला। थाना क्षेत्र के तिगरी गांव में बाढ़ राहत चौकी बनी है। यहां पर बाढ़ खंड विभाग के दो जेई तैनात हैं, लेकिन चौकी पर किसी की मौजूदगी नहीं मिली। जानकारी करने पर बताया कि चौकी पर बाढ़ के खतरे से बचने के मुकम्मल इंतजाम हैं। वहीं सुबह 11 बजे चौकी पर ताला लगा मिला। बताया गया कि जेई फील्ड में गए हैं। जलधारा द्वारा किए जाने वाले कटान को रोकने के लिए चौकी में 250 बल्लियों समेत तमाम इंतजाम की जानकारी दी गई।
-
हसनपुर: दोपहर 1 बजे:
हसनपुर क्षेत्र में बाढ़ चौकियों पर तैनात हैं चौकीदार
हसनपुर। तहसील क्षेत्र में दो बाढ़ चौकी स्थित हैं। दोनों पर फिलहाल बाढ़ खंड के चौकीदार की तैनाती है। यहां गंगा खतरे के निशान से डेढ़ मीटर नीचे बह रही है। शुक्रवार की दोपहर एक बजे हसनपुर कोतवाल क्षेत्र के गांव दियावली खालसा में स्थित बाढ़ चौकी पर बाढ़ खंड के चौकीदार कमल कुमार मौजूद मिले। बताया कि अभी गंगा में मामूली जलस्तर की बढ़ोतरी हुई है। खतरे की कोई बात नहीं है गंगा खतरे के निशान से डेढ़ मीटर नीचे बह रही है। उन्होंने बताया कि यहां चौकी प्रभारी के रूप में चकबंदी कानूनगो राम सिंह की ड्यूटी रहती है, जबकि नियुक्ति कर्मचारी के रूप में लेखपाल दीपक कुमार, मनोज कुमार, केशव शर्मा और एकांत कुमार की ड्यूटी लगी है। उधर, महरपुर बाल चौकी पर भी चौकीदार मिले। संवाद
-
धनौरा: 12 बजे:
आजमपुर व शेरपुर में नहीं बनी बाढ़ चौकी
मंडी धनौरा। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी बाढ़ से बचाव को मुकम्मल इंतजाम नहीं किए गए हैं। अभी तक प्रशासन द्वारा आजमपुर व शेरपुर गांव में बाढ़ चौकी नहीं बनाई गई है। आजमपुर में एक निजी स्कूलों में कमरे में बाढ़ चौकी स्थापित की जाती थी। इस साल अभी तक बाढ़ चौकी के संबंध में कोई कार्रवाई प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। यही स्थिति ग्राम शेरपुर की भी है। संवाद
-
सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर बाढ़ चौकियां निष्क्रिय हैं तो गलत है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे और बाढ़ चौकियाें को सक्रिय कराया जाएगा। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह, एडीएम वित्त व राजस्व