अमरोहा। न्यायालय ने धोखाधड़ी के मामले में मुरादाबाद के दोषी को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ अलग-अलग 11 मुकदमों में 1.87 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से दोषी जेल में बंद था, उसके जमानत नहीं मिल सकी थी।
गजरौला थानाक्षेत्र के कमल सिंह ने मुरादाबाद जनपद के नागफनी थानाक्षेत्र के 84 घंटा किसरौल कूचा शेख चिई निवासी लक्ष्मी शंकर अग्रवाल और मोहित अग्रवाल, चांदनी गुप्ता, जमाल कौसर, अमित अग्रवाल, सुषमा देवी, राजेश कुमार वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि आरएएमपी कैपिटल कंसल्टेंसी इंडिया लिमिटेड, आरएएमपी डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड, आरएएमपी म्यूचल बेनिफिट इंडिया लिमिटेड, वेदांत म्यूचुअल बेनिफिट इंडिया लिमिटेड कंपनियों के नाम से ब्रांच ऑफिस धनौरा रोड स्थित गजरौला में खोला गया था। इन कंपनियों का क्षेत्रीय कार्यालय मानसरोवर पटवाई हाउस के पास लाइन पर मझोला मुरादाबाद में स्थित था।
इन सभी कंपनियों का मुख्यालय सेक्टर 62 वसुंधरा गाजियाबाद में था। सुनियोजित तरीके से लोगों के साथ धोखाधड़ी कर धन अर्जित कर रहे थे। इन कंपनियों का कार्य रियल स्टेट में आरडीएफडी के माध्यम से इन्वेस्टर्स से पैसा इकट्ठा करना था। आरएफडी का समय पूरा होने पर इन्वेस्टर्स को उनकी जमा रकम का 8 से 18 प्रतिशत ब्याज की दर से मूलधन वापस करना था। कमल सिंह ने भी अपना और अपने कुछ परिचितों का 3.65 लाख रुपये इन्वेस्ट कर दिए। लेकिन, कुछ दिन बाद कंपनियों के ब्रांच एवं क्षेत्रीय व मुख्यालय अचानक बंद हो गए।
इसके बाद सैकड़ों इन्वेस्टर्स इन कंपनियों के मालिक और डायरेक्टर के पास मुरादाबाद गए तो उन्होंने प्रॉपर्टी बेचकर पैसा ब्याज सहित वापस लौटने का वादा किया था। लेकिन, बाद में फोन पर गाली गलौज और धमकी देने लगे। जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। इस मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष एससी एसटी एक्ट हेमलता त्यागी की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार सक्सेना इसकी पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और आरोपी लक्ष्मी शंकर अग्रवाल को दोषी करार दिया। साथ ही धोखाधड़ी में पांच साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और साथ अलग-अलग ग्यारह मुकदमों में 1.87 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।