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Amroha: बुआ- फूफा ने नहीं दोस्तों ने की थी मोनू की हत्या, चार आरोपियों में एक किशोर भी शामिल

Tue, 03 Jan 2023 10:32 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला, संवाद, अमरोहा

सार

एएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि लवराम त्यागी ने पोते मोनू की हत्या में अपनी पुत्री चंचल व बबलू को नामजद कराया था। पुलिस ने गांव में जाकर छानबीन की तो मोनू की हत्या में उसके दोस्तों का हाथ होने की बात सामने आई। पुलिस ने मोनू के मोबाइल फोन की सीडीआर चेक की तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अमरोहा के धनौरा थाना क्षेत्र के गांव मलकपुर भूड़ शुमाली निवासी युवक मोनू की हत्या कर दी गई। प्रेम-प्रसंग के चलते उसके चार दोस्तों ने मिलकर हत्या की थी। पुलिस ने मंगलवार को वारदात का  खुलासा करते हुए हत्या में शामिल चारों आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों में एक किशोर भी शामिल है जिसे बाल सुधार गृह भेजते हुए अन्य तीन आरोपियों को जेल भेज दिया।

 

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एएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि लवराम त्यागी ने पोते मोनू की हत्या में अपनी पुत्री चंचल व बबलू को नामजद कराया था। पुलिस ने गांव में जाकर छानबीन की तो मोनू की हत्या में उसके दोस्तों का हाथ होने की बात सामने आई। पुलिस ने मोनू के मोबाइल फोन की सीडीआर चेक की तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने मंगलवार की सुबह ग्राम कमेलपुर के पास मोहित, कपिल, फैजान और एक किशोर को पकड़ लिया। थाने लाकर पूछताछ की गई तो आरोपियों ने प्रेम-प्रसंग में मोनू की हत्या करने की बात स्वीकार की। एएसपी ने बताया कि गांव की एक युवती की दोस्ती आरोपी मोहित के साथ थी, लेकिन बाद में उसकी दोस्ती मोनू के साथ हो गई। युवती ने मोहित से दूरी बना ली। इसके लिए मोहित मोनू से रंजिश रखने लगा। उसने अपने गांव के ही दोस्त फैजान, कपिल व एक किशोर के साथ मिलकर मोनू को ठिकाने लगाने की योजना बना ली।

 

आरोपी मोहित ने पुलिस को बताया कि चारों ने साजिश रचकर किसी बहाने से मोनू को शनिवार की शाम नहर किनारे बुला लिया। वहां मोहित ने मोनू के कनपटी पर डंडे से वार कर नीचे गिरा दिया। मोनू के नीचे गिरते ही फैजान, कपिल व किशोर ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। मोहित ने उसका गला दबा दिया। बाद में शव छिपाने  के लिए एक जानवर के गड्ढे में रख दिया। पुलिस ने निशान देही पर डंडा बरामद  कर लिया। चारों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर किशोर को बाल सुधार गृह और अन्य तीनों को जेल भेज दिया।


पुलिस की सूझबूझ से दो निर्दोष जेल जाने से बच गए पुलिस की सूझबूझ से मोनू की बुआ चंचल और फूफा बबलू जेल जाने से बच गए। मोनू के दादा लवराम ने चंचल व बबलू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया था, लेकिन तीन लाख रुपये कीमत के मकान को लेकर मोनू की हत्या किए जाने की बात  पुलिस व ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही थी। पुलिस ने चारों दोस्तों को रविवार पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। सोमवार रात कॉल डिटेल से चारों के हत्या में शामिल होने का पक्का यकीन हो गया था। गांव निवासी गांव निवासी अधिवक्ता मूलचंद त्यागी, अधिवक्ता अतुल त्यागी, पूर्व प्रधान लोकेश त्यागी व जयपाल त्यागी ने पुलिस की सूझबूझ की प्रशंसा की है।

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चंचल व बबलू का नाम निकालने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी लवराम द्वारा नामजद किए गए चंचल व बबलू का नाम मुकदमे से बाहर करने के लिए पुलिस द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। एएसपी ने बताया कि फिलहाल नामजद चंचल व बबलू से साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद पुलिस अपनी विवेचना में उनको मुकदमे से बाहर करेगी।

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