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लाडली योजना की धनराशि हड़पने के लिए डाले थे महिलाओं के खाते में रुपये, दिल्ली की दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार

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मंडी धनौरा(अमरोहा)। वर्ग विशेष की महिलाओं के खातों में आई धनराशि का खुलासा थाना पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं व दिल्ली के दो संविदाकर्मियों को गिरफ्तार किया है। यह धनराशि वर्ष 2008 में दिल्ली सरकार द्वारा लाडली योजना के तहत कराई गई बीमा योजना की थी। परिपक्वता अवधि बीत जाने के बावजूद किसी के द्वारा दावा नहीं करने पर डाटा एंट्री आपरेटर ने मिलीभगत कर कई महिलाओं के खातों में यह धनराशि ट्रांसफर कर दी थी। बाद में मिलीभगत कर इस राशि को निकाल लिया गया। इस संबंध में विस्तृत जांच के लिए दिल्ली पुलिस को भी लिखा जा रहा है।
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मामले का खुलासा करते हुए सीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि साल 2008 में दिल्ली सरकार ने लड़कियों के लिए लाडली योजना के तहत स्टेट बैंक लाइफ इंश्योरेंस से बीमा कराया था। इस योजना के अंतर्गत परिपक्वता होने पर लड़कियों के परिजनों को एक लाख रुपये की राशि दी जानी थी। तमाम लड़कियों के अभिभावकों ने परिपक्वता की अवधि पूरी होने के बावजूद इसका भुगतान नहीं लिया।
सीओ ने बता कि दिल्ली सरकार के महिला व बाल विकास विभाग के डाटा एंट्री आपरेटर महमूद हसन ने ऐसी तमाम एंट्री देखी तो उसके मन में लालच आ गया। उसने अपने परिचित व दिल्ली सरकार के एक अन्य विभाग में कार्यरत अमर पांचाल से संपर्क साध कर ऐसी महिलाओं की तलाश करने को कहा जिनके खाते स्टेट बैंक में हो। अमर पांचाल ने अपनी परिचित दिल्ली की ही रहने वाली शमा व गुलिस्ता से संपर्क साधा। इनमें से एक महिला की रिश्तेदारी निकटवर्ती गांव चुचैला कलां (अमरोहा) में थी। उन्होंने नगर के मोहल्ला कटरा में रहने वाली चार महिलाओं की पासबुक लेकर उनमें लाडली योजना की धनराशि ट्रांसफर करा ली। खाताधारकों को मात्र दो दो हजार रुपये दिए गए। शेष धनराशि अमर पांचाल, महमूद हसन, शमा व गुलिस्ता ने आपस में बांट ली। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच की तो इसके तार दिल्ली से जुड़े मिले। पुलिस ने लाडली योजना की एक पात्र लड़की के पिता शकील सलमानी निवासी भजनपुरा दिल्ली की तहरीर पर धोखाधड़ी की धाराओं में पांच महिलाओं समेत आठ के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शमा, गुलिस्ता, अमर पांचाल व महमूद हसन को धनौरा के होली पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से 74 हजार रुपए की धनराशि, बैंक की तीन पासबुक बरामद किए गए हैं। तीन नामजद व एक अन्य की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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दिल्ली सरकार को विस्तृत जांच के लिए पुलिस अधीक्षक स्तर से लिखा जाएगा
मंडी धनौरा। दिल्ली सरकार के महिला व बाल विकास विभाग का डाटा एंट्री आपरेटर महमूद हसन द्वारा सरकारी धनराशि के गबन की विस्तृत जांच के लिए दिल्ली सरकार को पुलिस विभाग द्वारा लिखा जाएगा। सीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि उचित माध्यम से इस संबंध में दिल्ली सरकार को जानकारी दी जाएगी। उनका कहना था कि यदि इसकी विस्तृत जांच की जाए तो काफी बड़ा मामला हो सकता है। फिलहाल थाना पुलिस अपनी ओर से जांच कर रही है।
पुलिस को दिया था मोटी रकम का ऑफर
मंडी धनौरा। पुलिस का कहना है कि मामला रफा दफा करने के लिए उसे भी मोटी रकम की पेशकश की गई थई। आरोपियों का कहना था कि यदि मामले में पुलिस कार्रवाई हो गई तो तूल पकड़ सकता है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने लाडली योजना में बड़े स्तर पर घपला किया है। इस मामले में कुछ राजनीतिज्ञों के बीच में आ जाने की वजह से पुलिस ने भी फूंक फूंक कर कदम रखा। पुलिस ने खाताधारकों को भी आरोपी बनाया है।
ये था मामला
मंडी धनौरा। बीती 17 फरवरी को मोहल्ला कटरा की कुछ महिलाओं ने थाने में शिकायत की थी कि दिल्ली की दो महिलाओं ने उनके खातों में आई 23-23 हजार की धनराशि को निकाल लिया है और उनको मात्र दो दो हजार रुपये दिए हैं। उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से अपने खातों में आई धनराशि के बारे में जानकारी मांगी, जो उन्होंने नहीं दी। वे मात्र दो हजार रुपये मिलने से नाराज थी। उन्होंने स्टेट बैंक की मिनी ब्रांच पर हंगामा काटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस सभी को थाने ले आई। दूसरी ओर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा व विहिप के नेताओं ने प्रभारी निरीक्षक से इसकी गहनता से जांच की मांग की। (संवाद)
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