खनन माफियाओं की एसडीएम प्रवीणा से जमकर नोकझोंक हुई, जबकि होमगार्ड से खींचतान तक हो गई। साथियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। जिस पर उन्होंने आननफानन में पुलिस बुलाई। वर्दीधारियों को देखते ही माफिया भाग निकले। ट्रैक्टर ट्राली लेकर चंपत हो गए। इसके बाद एसडीएम ने पिता-पुत्र को दबोच लिया और थाना पुलिस को सुपुर्द करते हुए दोनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। देर शाम तक पुलिस ने सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
गुरुवार की दोपहर उपजिलाधिकारी सदर को धनौरी अहीर गांव के जंगल में खनन की शिकायत मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए वह अपने अधीनस्थ गार्डों के साथ जंगल की ओर छापामारी को निकल गईं। रास्ते में रेत भरी ट्रैक्टर ट्राली मिल गई। एसडीएम के टोकते ही चालक तेजी से ट्रैक्टर दौड़ाने लगा। गार्डों ने गाड़ी खड़ी कर उसको रुकवा लिया, जिस पर माफिया की उनसे तीखी झड़प व खींचतान हुई। उपजिलाधिकारी से भी नोकझोंक होने लगी।
थोड़ी देर में ही तमाम लोग उनके समर्थन में उतर आए। मामले की नजाकत को भांपते हुए एसडीएम ने फौरन देहात थाना पुलिस को स्थिति से अवगत कराया। कुछ समय पश्चात ही थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। जिसे देखकर माफिया ट्रैक्टर ट्राली सहित फरार हो गए, जबकि पिता-पुत्र को गार्डों ने पकड़ लिया। इसके बाद एसडीएम ने दोनों को गाड़ी में बैठाया और सीधे थाने ले गईं। एसओ को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। तहसीलदार धर्मेंद्र यादव को क्षेत्र में अन्य स्थानों पर छापामारी व माफिया की ट्रैक्टर ट्राली पकड़ने को कहा। जिस पर तहसीलदार ने एक ट्रैक्टर ट्राली पकड़कर थाने भिजवाई। इधर सत्ताधारियों के दबाव में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं लिखी है।