अमरोहा। नकली दूध और पशुओं के कटान को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच तनातनी हो गई। मामला तूल पकड़ने लगा। इसी बीच एक जनप्रतिनिधि ने एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन कराने की अपील की। उन्होंनेे जिले की फैक्टरी के संचालन पर सवाल खड़ा कर दिया। इसके चलते सभागार में हड़कंप मच गया। मामला बढ़ता देख डीएम ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने किसी तरह हालात को संभाला। इसके बाद बैठक दोबारा शुरू हुई।
कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद जिला योजना की बैठक शुरू हुई। बजट के अनुमोदन के चर्चा के दौरान दुग्ध संघ के कारोबार पर चर्चा होने लगी। संबंधित अधिकारी ने बताया कि नकली दूध के मामले में कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग करता है। एक जनप्रतिनिधि ने नकली दूध के गढ़ के बारे में बताया। इलाके के नाम लेने के बाद एक सदस्य ने अपने क्षेत्र में भी देखने को कहा। इसके बाद उक्त जनप्रतिनिधि ने अपने क्षेत्र के नाम भी बताए। इसके बाद पशुओं के कटान को लेकर जनप्रतिनिधियों ने प्रभागीय वनाधिकारी से जानकारी लिया। एनजीटी के नियमों के पालन नहीं होने पर हैरत जताया। कहा कि पशुओं का कटान हो रहा है लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। सभागार में मौजूद एक अन्य जनप्रतिनिधि के तेवर तल्ख हो गए। उन्होंने जिले में उद्योग धंधों के संचालन के बारे में सवाल पूछा। कहा कि वातावरण दूषित हो रहा है इसके अलावा भू-गर्भ जल में गिरावट आ रही है। उद्योग धंधों के संचालन में भी एनजीटी के नियम का पालन करना जरूरी है। जनप्रतिनिधियों के बीच मामला बढ़ता देख डीएम उमेश मिश्र ने संभाला। उन्होंने बताया कि एक व्यवस्था के तहत काम हो रहा है। इसके बाद मामला शांत हो सका।
जिले में इन जगहों पर हो रहा नकली दूध तैयार
अमरोहा। जनप्रतिनिधि ने जिले के हसनपुर, सैदनगली, संभल जाने वाले रोड पर, ढक्का, शहबाजपुर, गजरौला के पास नवादा रोड, शहबाजपुर आदि इलाकों का नाम सभागार में गिनाया। इसके चलते सभागार में सन्नाटा पसर गया। उन्होंने दावा के साथ कहा कि इन जगहों पर नकली दूध का कारोबार हो रहा है। इसके अलावा नकली दूध से रसगुल्ला भी तैयार हो रहा है।