गजरौला। अवैध प्लाॅटिंग रोकने में नाकाम रहने और कॉलोनाइजर, नागरिकों एवं व्यापारियों द्वारा बिना नक्शा पास कराए गए निर्माण को ध्वस्त करने में दिलचस्पी न लेना एमडीए के सहायक अभियंता को भारी पड़ गया। एमडीए उपाध्यक्ष ने सहायक अभियंता को हटाकर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
नगर विकास विभाग ने बीते फरवरी के अंतिम सप्ताह व मार्च के शुरू में ही गजरौला में एमडीए का वर्ष-2031 तक मास्टर प्लान लागू कर दिया गया। इसके दायरे में 22 गांवों का रकबा आया है। मास्टर प्लान लागू होते ही अवैध निर्माण रोकने के अधिकारी-कर्मचारी तैनात कर दिए गए। सहायक अभियंता नृपेश कुमार तोमर जोन प्रभारी बनाया गया। उन पर अवैध निर्माण रोकने व बिना नक्शा पास कराए निर्माण ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनकी मदद के लिए जेई योगेश कुमार व चार सुपरवाइजर भी तैनात कर दिए गए।
जोन प्रभारी पर आरोप है कि वह न तो अवैध प्लाॅटिंग रोक पाए और न ही बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण में दिलचस्पी ली। अन्य आरोप भी लगे थे। मास्टर प्लान लागू होने के बाद भी उनके द्वारा किए गए कार्य में प्रगति नहीं पाई गई। जिसके चलते एमडीए के उपाध्यक्ष शैलेष कुमार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनको गजरौला से हटा दिया गया। इतना ही नहीं उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
उनका कार्य जेई योगेश कुमार देखेंगे। एमडीए के उपाध्यक्ष का कहना है कि जल्द नए सहायक अभियंता तैनात किए जाएंगे।