परिजनों की सहमति से हुए फेरे
विभागीय जांच के अनुसार युवती ने परिजनों की सहमति से ही शादीशुदा युवक के साथ फेरे लिए। युवती व परिजनाें के अनुसार लड़के की तबीयत खराब होने के चलते वह नहीं आ सका। जिसके बाद योजना का अनुचित तरीके से लाभ लेने के लिए परिजनाें ने कपिल को बैठा दिया, लेकिन शिकायत के बाद सारी पोल खुलने से परिजनों के मंसूबे नाकाम हो गए।
मामले की शिकायत मिली थी। जिसकी तत्काल जांच कराए जाने पर शिकायत सही पाई गई है। मामले में पंचायत सचिव के निलंबन की संस्तुति की गई है। साथ ही शादी कपिल व युवती के विरुद्ध शासकीय धनराशि के आहरण, धोखाधड़ी तथा गलत तरीके से लाभ लेने के आरोप मे प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जिला समाज कल्याण अधिकारी व बीडीओ को दिए गए हैं। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
गलत तरीके से योजना का लाभ लेने वाली युवती से सारा सामान वापस ले लिया गया है। साथ ही योजना के तहत दी जाने वाली राशि पर भी रोक लगा दी गई है। मामले में एडीओ समाज कल्याण को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। - पंखुरी जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी
पंचायत सचिव पर ये आरोप
जिला विकास अधिकारी सरिता द्विवेदी ने बताया कि सत्यापन करने वाली पंचायत सचिव पल्लवी पर योजना में जानबूझकर शिथिलता बरतने, शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने, उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप है। जबकि पंचायत सचिव के द्वारा वेदी पर बैठे वर-वधू को सत्यापन करना चाहिए था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया।