आम गिरने से सिर पकड़कर बैठा बाग मालिक।
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इस बार आंधी ने आम की फसल पर जमकर कहर बरपाया। पहले कीटों ने आम की फसल को नुकसान पहुंचाया। रही सही कसर आंधी ने पूरी कर दी। रविवार को आई आंधी से करीब बीस फीसदी आम की फसल बर्बाद हो गई। पकने से पहले ये आम पेड़ों से गिर गए। पहले आई आंधी से भी दस फीसदी नुकसान हुआ था। विभाग के मुताबिक जिले में आंधी और कीटों से करीब चालीस फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में आम के कीमत बढ़ने की उम्मीद है।
जिले में 12 हजार हेक्टेअर भूमि पर आम के बाग हैं। शुरुआत में आम के पेड़ों पर आए बौर को देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे थे। किसानों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में फसल अच्छी आई थी। लेकिन इस फसल को पहले कीटों की और बाद में आंधी की नजर लग गई। शुरुआत में आम की फसल पर कीटों ने हमला बोल दिया। आम काले होकर पेड़ों से गिरने लगे। करीब बीस फीसदी फसल कीटों ने चट कर दी। इसके बाद आंधी ने अपना काम कर दिया। पहली बार आई आंधी में दस फीसदी फसल बर्बाद हो गई। वहीं रविवार को आई आंधी पानी में बागों में आमों के ढेर लग गए। हर पेड़ के नीचे आम ही आम नजर आए। पकने से पहले की ये आम जमीन पर आ गए। इस आंधी तूफान में बीस फीसदी से अधिक के नुकसान का आंकलन लगाया जा रहा है। अगर फिर से आंधी आई तो आम लोगों के लिए आम काफी महंगा हो जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी नत्थूलाल गंगवार ने बताया कि इस आंधी से 15 से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ है। वहीं पहली वाली आंधी में दस प्रतिशत नुकसान आम के बागों में हुआ था। इससे पहले कीटों ने भी आम को नुकसान पहुंचाया था।