अमरोहा। गन्ना विकास परिषद ने किसानों से गन्ने की पत्ती जलाने पर रोक लगाने की अपील की है। इसके अलावा गन्ने की पत्ती जलाने पर सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही महकमा की ओर से भुगतान जब्त कर सकता है। किसानों से पत्ती प्रबंधन को अपनाने पर जोर दिया है। इसके लिए सुपरवाइजर से संपर्क साधने को कहा है।
जिले में गन्ने की सप्लाई हो रही है। किसानों के गन्ने की खरीद चल रही है। इस बीच कुछ जगहों पर किसानों द्वारा गन्ने की पत्ती जलाने के मामले सामना आया है। इस पर गन्ना विकास परिषद ने अपील जारी की है। वॉल पेंटिंग के जरिए महकमा ने गन्ने की पत्ती का प्रबंधन के फायदे बताएं हैं। जोया रोड स्थित कार्यालय के दीवार पर पत्ती जलाने से नुकसान से आगाह कराया है जिसमें किसानों से गन्ने की पत्ती जलाने पर रोक लगाने को कहा है। अपील में कहा गया है कि पत्ती मिट्टी में मिल जाता है जबकि जलाने से कृषि कीट मित्रों का नुकसान होता है। कहा गया है कि पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। पत्ती जलाने से सूक्ष्म जीवाणु की संख्या नगण्य हो जाती है। भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म हो रही है। फसल के लिए पानी की जरूरत बढ़ जाती है। वायु मंडल प्रदूषित हो रहा है। ऐसे में गन्ने की पत्ती का प्रबंधन जमीन की नमी बनाए रखने में सहायक साबित होगी। खर पतवारों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके अलावा निराई गुड़ाई में आसानी रहती है। मिट्टी में जीवांश की बढ़ोत्तरी होती है। पत्ती प्रबंधन से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का लाभ मिलता है। ऐसे में किसान पत्ती का प्रबंधन कर मिट्टी की उर्वरकता को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा इसकी खाद तैयार कराएं।