उसमें 20 लाख कैश के साथ 10 लाख रुपये का सोना पहुंचाने का विकल्प भी दिया था। इसके बाद 17 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे बच्चे का शव महताब के घर से करीब 20 मीटर दूर स्थित मस्जिद की छत पर बने गुंबद के भीतर मिला था। बच्चे के सिर व चेहरे पर चोट के निशान थे, मुंह पर टेप चिपका हुआ था। इस दौरान करीब 10 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया था।
इस मामले में पुलिस ने जींस-जैकेट का कारखाना चलाने वाले समीर और उसके दोस्त अराफात को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तभी से आरोपी जेल में बंद हैं। आरोप है कि हत्यारोपी समीर ने गांव के ही युवक के जरिये से छह सितंबर को धमकी भरा पत्र भेजा है। जिसमें उसने पूर्व प्रधान जावेद, मौजूदा प्रधान निजामु समेत गांव के रहने वाले फुरकान, इरशाद और रिफाकत को जेल से छूटने के बाद जान से मारने की धमकी दी है। पत्र कहा है कि उनकी वजह से वह जेल गया है, उसका जीवन बर्बाद हो गया। अब तुम्हारा अंजाम ठीक नहीं होगा।
पूर्व ग्राम प्रधान जावेद ने मौखिक शिकायत दर्ज कराई है। उनसे लिखित शिकायत मांगी गई थी, लेकिन वह देने को तैयार नहीं हैं। आरोपी जेल में बंद हैं। तहरीर मिलने पर रिपार्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संत कुमार, इंस्पेक्टर नौगांवा सादात
धमकी भरा पत्र मिलाने के बाद मुझे और अन्य लोगों को जान का खतरा बना हुआ है। इस मामले में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस संबंध में थाना पुलिस से मौखिक शिकायत दर्ज करा दी गई है। -जावेद अली, पूर्व प्रधान बीलना।