आरोप लगाया गया था कि उन्होंने निर्वाचन के दौरान पिछड़ी जाति के लिए (शेख ढप्पाली जाति) प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। यह प्रमाण पत्र जाली और फर्जी पत्र प्रस्तुत करके बनाया गया था। सामान्य जाति की होने के बावजूद वह पिछड़ा वर्ग जाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हो गईं। चूंकि नीलम शादाब खां संभल जिले की रहने वाली हैं। इसलिए संभल के तत्कालीन एसडीएम द्वारा 11 दिसंबर 2017 को अध्यक्ष नीलम शादाब खां का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। इसके बाद ये मामला अमरोहा जिले के तत्कालीन डीएम की अध्यक्षता में बनाई गई समिति के समक्ष चलता रहा।
चेयरमैन नीलम शादाब खां अपने जाति प्रमाण पत्र को सही बताते हुए अपना पक्ष रखती रहीं। कहीं से कोई राहत नहीं मिलती देख कर चेयरमैन नीलम शादाब खां ने उपजिलाधिकारी संभल द्वारा पारित आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में सिविल याचिका दायर की और स्टे ले लिया था। इसके बाद कई बार स्टे की तिथि आगे बढ़ाती रहीं। लेकिन सात दिसंबर 2020 को न्यायालय ने उनकी सिविल याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद भाजपाईयों ने नगर पालिका परिषद की चेयरमैन नीलम शादाब खां के समस्त वित्तीय अधिकार सीज कर उनके निर्वाचन रद्द करने की मांग की थी। फिलहाल ये मामला राज्यपाल के समक्ष चल रहा था। इस क्रम में 27 सितंबर को उन्होंन पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के वित्तीय और प्रशासनिक अधीकारों सीज कर दिया हैं।
राज्यपाल के निर्देश मिलने के बाद हसनपुर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारियों को सीज कर दिया गया है। उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सात दिन के भीतर जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के तहत एफआआई दर्ज कराई जाएगी। जल्द ही नगर पालिका में प्रशासक की तैनाती की जाएगी।
- बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा
अधिकार सीज किए जाने की बात की जा रही है। वह नियम विरुद्ध है। एक तरफ स्पष्टीकरण मांगा गया है। दूसरी तरफ अधिकार सीज करने से संबंधित लेटर जारी हुआ है। दोनों में किसे सही माना जाए। मामला समाज कल्याण विभाग में भी विचाराधीन है। जो नोटिस मिला है। उसका जबाव दिया जाएगा।
- नीलम शादाब खां, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, हसनपुर।