रजबपुर। अनुसूचित जाति की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि दूसरा आरोपी नाबालिग है, वह कक्षा 10 का छात्र है। चर्चा है कि घटनाक्रम के दौरान उसकी उपस्थिति स्कूल में थी। इसलिए पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।
रजबपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले अनुसूचित जाति के किसान की 19 वर्षीय बेटी एक मार्च कि सुबह करीब 11.30 बजे खेत पर चारा लेने के लिए गई थी। आरोप था कि तभी गैर बिरादरी के चचेरे-तहेरे भाइयों ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया था। जाति सूचक शब्द कहे और गन्ने के खेत में खींच कर सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद आरोपी पीड़िता को खेत में छोड़कर भाग निकले थे। इसके बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और बदनामी के डर से जहर खाकर जान देने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार की शाम हालत में सुधार होने पर परिजन उसे घर ले गए। लेकिन करीब पन्द्रह घंटे तक पुलिस मामले को दबाकर पड़ी रही थी। परिजनों ने मुख्यमंत्री के ट्विटर अकाउंट पर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। मामला शासन तक गूंजा तो हड़कंप मच गया। पुलिस लापरवाही की पोल खुल गई। खूब छीछालेदर पुलिस की हुई। सीओ सत्येंद्र सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार और एसएसआई अरिहंत सिद्धार्थ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। इसके बाद पीड़िता के पिता की तहरीर पर दो चचेरे भाइयों के खिलाफ सामुहिक दुष्कर्म, धमकी और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। मामले की विवेचना सीओ धनोरा कर रहे हैं। एएसपी अजय प्रताप सिंह ने बताया की गैंगरेप के मुख्य आरोपी कुलदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।