अमरोहा। लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न कराने में पुलिस ऐसी कोई गलती नहीं छोड़ना चाहती जो मतदान के दौरान मुसीबत बने। अमरोहा जिले में तीन लाख लोगों से पुलिस को खतरा है। लोकसभा चुनाव में ये आपराधिक प्रवृत्ति के लोग व्यवधान पैदा कर सकते हैं। इसके मद्देनजर पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ पाबंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक करीब 50 हजार से अधिक के मुचलका भरवाए जा चुके हैं। इन पर पुलिस अलग से नजर भी रख रही है। चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने पर रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
जिले के आबादी करीब 25 लाख है। जबकि 1360811 मतदाता है। लेकिन कुल जनसंख्या में से तीन लाख शरारती ऐसे हैं जिनसे चुनाव के दौरान प्रशासन को खतरा है। जिसमें 1066 हिस्ट्रीशीटर, 142 गुंडे, करीब 300 गैंगस्टर एक्ट के आरोपी, 42 जिला बदर, 110 जी के आरोपी 7 हजार शामिल हैं। इन खुराफातियों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस ने सूचीबद्ध कर लिया है। पुराने मुचलके और मुकदमों के आधार पर जिले के प्रत्येक थाना में करीब 25 हजार खुराफातियों की सूची बनाई गई है। थानेवार दरोगा और सिपाहियों से बीट स्तर पर सत्यापन कराया गया है। पुलिस ने लोगों को मुचलका पाबंद की नोटिस भेजने की कवायद शुरू कर दी है। साथ ही असामाजिक तत्वों पर पुलिस की सीधी नजर है। एएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न कराना हमारी जिम्मेदारी है। अगर कोई माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। रासुका भी लगाई जाएगी।
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ये होंगे मुचलके में पाबंद
. गैंगस्टर के आरोपी
. बलवा के आरोपी
. मारपीट के आरोपी
. ऐसे बदमाश जिनकी हिस्ट्रीशीट खुली हो
. वारदातों को अंजाम दे रहे सक्रिय अपराधी
. जेल से जमानत पर रिहा माफिया
. सांप्रदायिक मुकदमों के आरोपी
. मर्डर और हत्या के प्रयास के आरोपी
. सट्टा, जुआरी और अवैध शराब विक्रेता
ये लोग नहीं होंगे पाबंद
. विकलांग
. बुजुर्ग और असहाय लोग
. शांत प्रिय ठेले और रिक्शेवाले
. ऐसे बदमाश जो अब पूर्णतया निष्क्रिय हैं
. ऐसे अपराधी उम्र और बीमारी के चलते हिस्ट्रीशीट बंद है
. जिन पर कभी कोई मुकदमा नहीं हुआ हो
पुलिस की मुश्किल दूर करेगा सी-प्लान एप
पुलिस ने सी-प्लान एप का पहली बार प्रयोग 2019 के लोकसभा चुनाव में किया था। इसके बाद 2021 में अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्र में होने वाले पंचायत चुनाव में इसका सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया। यह अफवाहों से लड़ने में बेहद कारगर माना जाता है। इसके जरिए प्रदेश के 15 लाख और जिले के करीब 20 हजार लोगों तक अपना संदेश पहुंचाने की व्यवस्था हो चुकी है। डीजीपी मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से इस एप के जरिए भेजे जाने वाले संदेशों की निगरानी की जाएगी। इस एप के माध्यम से पुलिस उन क्षेत्रों के लोगों तक एसएमएस के जरिए सही तथ्य तत्काल पहुंचाने में सफल हो जाती है, जिन क्षेत्रों में अफवाहों के कारण माहौल तनावपूर्ण होता है।
पुलिस की तीसरी आंख बनेंगे 13675 सीसीटीवी कैमरे
अमरोहा। ऑपरेशन दृष्टि और त्रिनेत्र के तहत जिले में लगाए गए 13675 सीसीटीवी कैमरे लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस की तीसरी आंख का काम करेंगे। शहर से लेकर गांव तक जिले भर में होने वाली गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही है। पुलिस पिछले एक महीने में कैमरे की मदद से लूट, चोरी, हत्या समेत तेरह घटनाओं का खुलासा कर चुकी है। ऐसी स्थिति में जो भी माहौल खराब करने का प्रयास करेगा वह सीसीटीवी कैमरों में कैद हो जाएगा। पुलिस कंट्रोल रूम से बैठकर शहर और गांव में नजर बनाए हुए है। एएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया जनपद में 12 थाना और 42 चौकी हैं। सभी जगह कंट्रोल रूम बने हुए हैं और 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। अमरोहा नगर सर्किल में 3618 कैमरे लगे हैं। जबकि नौगांवा सादात सर्किल क्षेत्र में 3298, मंडी धनौरा क्षेत्र में 3955 और हसनपुर सर्किल में 2804 कैमरे लगे हैं। ये कैमरे सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, तिराहों, संवेदनशील स्थानों व दुकान-मकान-प्रतिष्ठानों और जनपदीय बॉर्डर पर लगे हैं। चुनाव के दौरान इन कैमरों की मदद से जिलेभर के मुख्य स्थानों पर नजर रख सकेंगे। संवाद
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लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिले के प्रत्येक 12 थानों पर 25-25 हजार लोगों को मुचलके पाबंद करने की कार्रवाई की जा रही है। इन सभी से शांतिपूर्ण माहौल में खलल डालने की आशंका बनी होती है। यह सभी असामाजिक प्रवृति के लोग होते हैं। संबंधित बीट दरोगा और सिपाही को शांतिप्रिय लोगों को बिना वजह परेशान नहीं करने की हिदायत दी गई है।- राजीव कुमार सिंह, एएसपी अमरोहा
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